
New Delhi, 3 सितंबर . कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने Union Minister जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में हुई शुद्धीकरण की घटना पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि घटना के करीब 24 दिन बाद भी दोषियों पर First Information Report तक दर्ज नहीं हुई है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र में लिखा, “आपको याद होगा कि 13 अगस्त को राज्यसभा में बहुत दुख और पीड़ा के साथ मैंने हल्द्वानी में हुई मेरी 8 अगस्त की जनसभा के बाद छुआछूत जनित शुद्धीकरण का मुद्दा उठाया था.”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने याद दिलाया कि उनके हस्तक्षेप पर सदन में जेपी नड्डा ने खड़े होकर कहा था, “मल्लिकार्जुन खड़गे ने जो कहा है, वह सच में बहुत ही दुखदायी विषय है. यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए दुखदायी नहीं बल्कि यह हम सबके लिए दुखदायी है, जो भी बात हुई है, उसकी तहकीकात जरूर होगी. मैं कहना चाहता हूं कि इस तरह की गतिविधि को भारतीय जनता पार्टी कभी भी सपोर्ट नहीं करती है. मैं इसकी भर्त्सना करता हूं और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसको गहराई से देखेंगे. आपकी भावनाओं को जो ठेस पहुंची है, वह हम सबके लिए खेद का विषय है.”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र में लिखा कि जेपी नड्डा ने कहा था कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हांलाकि इस घटना के करीब 24 दिन बीत जाने के बाद भी हल्द्वानी में इस घृणित घटना को अंजाम देने वाले संबंधित संगठन और व्यक्तियों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (First Information Report ) तक दर्ज नहीं की गई है.
उन्होंने लिखा कि इस प्रकरण की सबसे आपत्तिजनक बात यह थी कि रामलीला मैदान के उस स्थल पर, जहां उन्होंने रैली को संबोधित किया था, वहां India के संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत शुद्धीकरण कराया गया. ये आम तौर पर सभी समझते हैं कि शुद्धीकरण की ये प्रक्रिया सीधे-सीधे छुआछूत से जुड़ी है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने उदाहरण देते हुए लिखा, “बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर ने महाड़ आंदोलन में तालाब से पानी पिया था तब भी जातीय दंभ से भरे लोगों ने 108 घड़े गोमूत्र और गोबर डालकर मंत्रोच्चार के साथ शुद्धीकरण किया था. सिर्फ मंत्रोच्चार या हवन करने से शुद्धीकरण की जातिवादी प्रक्रिया पावन नहीं हो जाती है.”
कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा, “यह मुद्दा व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है. इसलिए यह रोष मेरा नहीं बल्कि ऐसे करोड़ों लोगों की अभिव्यक्ति है, यह ऐसी मानसिकता का मुद्दा है, जिससे समाज का एक तबका सीधे जुड़ा है. इस कारण से मैंने सदन में Government का ध्यान आकृष्ट करने के लिए इस मुद्दे को उठाया था.”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपी नड्डा से आग्रह किया है कि वे तथ्यों और राज्यसभा में दिए गए आश्वासन के आलोक में उत्तराखंड के Chief Minister को निर्देश देते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धीकरण की इस घटना में शामिल व्यक्तियों और संगठनों पर First Information Report दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए.
–
वीकेयू/पीएम