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Tuesday, 20 October 2026
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हर साल क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस? जानें पूरा इतिहास

हर साल क्यों मनाया जाता है Police स्मृति दिवस? जानें पूरा इतिहास

New Delhi, 20 अक्टूबर . Police स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन Policeकर्मियों के बलिदान की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे. यह दिन लद्दाख के ‘हॉट स्प्रिंग्स’ में चीन के साथ लगी हमारी सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद दस Policeकर्मियों के बलिदान की याद दिलाता है.

20 अक्टूबर 1959 को उत्तर-पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स से तीन टोही दल भेजे गए थे. इनमें से दो दलों के सदस्य तो उसी दिन दोपहर तक हॉट स्प्रिंग्स वापस आ गए, लेकिन तीसरा दल वापस नहीं लौटा, जिसमें दो Police constable और एक पोर्टर (सामान ढोने वाला) थे. लापता लोगों की तलाश के लिए अगली सुबह 21 अक्टूबर को 1959 को डीसीआईओ करम सिंह के नेतृत्व में सभी उपलब्ध जवानों को भेजा गया.

दोपहर के आसपास एक पहाड़ी पर चीनी सेना के जवान दिखाई दिए, जिन्होंने करम सिंह के नेतृत्व वाले दल पर गोलियां चलाईं और ग्रेनेड फेंके. इस हमले में दस बहादुर Policeकर्मी शहीद हो गए और सात अन्य घायल हो गए. चीनी सेना ने सात घायल Policeकर्मी को बंदी बना लिया, जबकि बाकी लोग वहां से निकलने में कामयाब रहे. घटना के तीन सप्ताह बाद 13 नवंबर 1959 को चीनी सेना ने इन दस Policeकर्मी के पार्थिव शरीर वापस सौंपे. हॉट स्प्रिंग्स में पूरे Police सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया गया.

जनवरी 1960 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के Police महानिरीक्षकों (आईजीपी) के वार्षिक सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि अब से 21 अक्टूबर को ‘स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा. साथ ही हॉट स्प्रिंग्स में एक स्मारक बनाने का भी फैसला लिया गया. हर साल, देश भर से Police बल के जवान इन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हॉट स्प्रिंग्स जाते हैं.

हर जिले के Police मुख्यालय में ‘स्मृति दिवस परेड’ आयोजित की जाती है. इस औपचारिक परेड के दौरान, हथियारों को उल्टा (शोक शस्त्र) रखा जाता है और दिवंगत आत्माओं के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा जाता है. राज्यों, Police और अर्धसैनिक बलों के शहीद Policeकर्मियों के नाम पढ़कर सुनाए जाते हैं, ताकि उनके सर्वोच्च बलिदान को गर्व के साथ याद किया जा सके. शहीदों के सम्मान में तीन बार गोलियां चलाई जाती हैं.

New Delhi के चाणक्यपुरी में एक राष्ट्रीय Police स्मारक बनाया गया है, जो कर्तव्य पालन के दौरान अनगिनत Policeकर्मियों द्वारा किए गए बलिदानों का प्रमाण है. यह स्मारक Police बलों को राष्ट्रीय पहचान, गौरव, उद्देश्य की एकता, साझा इतिहास और नियति का बोध कराता है. ‘वीरता की दीवार’ Police स्मारक पर 30 फीट ऊंची ग्रेनाइट की यह प्रतिमा खड़ी है, जिस पर कर्तव्य निभाते हुए प्राणों की आहुति देने वाले 35,000 से अधिक शहीदों के नाम अंकित हैं और यह उनकी वीरता और गौरव की याद दिलाती है.

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ओपी/डीकेपी

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