हरियाणा का लक्ष्य मां और नवजात शिशु की मृत्यु दर को कम करना: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 30 अगस्त . Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी ने Sunday को कहा कि राज्य Government गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर और अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर सर्विस पक्का करने और मां व नवजात शिशु की मृत्यु दर को कम करने के लिए ‘समृद्धि’ योजना लागू कर रही है.

उन्होंने कहा कि राज्य Government का लक्ष्य राज्य की हर गर्भवती महिला को पोर्टल पर रजिस्टर करना और गर्भावस्था, डिलीवरी और डिलीवरी के बाद की अवधि के दौरान लगातार उनकी सेहत की निगरानी करना है.

Chief Minister ने कहा कि ‘समृद्धि’ पोर्टल, राज्य-स्तरीय कमांड सेंटर और 102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर को आधुनिक तकनीक के जरिए आपस में जोड़ा जाएगा.

यह इंटीग्रेटेड सिस्टम गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर हेल्थकेयर सर्विस पक्का करने, हाई-रिस्क वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत बड़े हेल्थ सेंटर में रेफर करने में मदद करेगा.

Chief Minister ने कहा कि हर गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और उन्हें एक यूनिक पहचान दी जाएगी, जिससे उनकी गर्भावस्था से जुड़ी सभी हेल्थ जानकारी एक ही जगह सुरक्षित रखी जा सकेगी.

इस सिस्टम में Governmentी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज करा रही महिलाएं भी शामिल होंगी.

महिला का इलाज चाहे किसी भी अस्पताल में हो, उसकी जरूरी हेल्थ जानकारी उसकी पहचान के जरिए पोर्टल पर अपडेट की जाएगी, जिससे उसकी प्रेग्नेंसी का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध हो सके.

‘समृद्धि’ सिस्टम के तहत, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान समय पर की जाएगी.

एएनएम, डॉक्टरों और हेल्थ अधिकारियों को जरूरी जांच, होने वाली डिलीवरी, फॉलो-अप और दूसरी सेवाओं के बारे में समय पर जानकारी और अलर्ट मिलेंगे.

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं से नियमित अंतराल पर संपर्क किया जाएगा.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सामान्य प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं से हर तीन महीने में संपर्क किया जाएगा, जबकि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की ज्यादा बार निगरानी की जाएगी.

जैसे-जैसे डिलीवरी की संभावित तारीख नजदीक आएगी, संपर्क और निगरानी की आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) बढ़ा दी जाएगी ताकि इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके.

Chief Minister सैनी ने कहा कि राज्य स्तर पर ‘102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर’ स्थापित किया जाएगा.

इस सेंटर में प्रशिक्षित नर्सें गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सलाह देंगी, जोखिमों की पहचान करेंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें सही स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचने में मदद करेंगी.

अगर कॉल सेंटर के जरिए किसी महिला में हाई-रिस्क स्थिति की पहचान होती है, तो यह जानकारी तुरंत कमांड सेंटर के साथ साझा की जाएगी और ‘समृद्धि’ पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी.

एमएस/

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