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Friday, 16 October 2026
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स्टिंग विवाद पर डीके शिवकुमार को कुमारस्वामी ने दी चुनौती, कहा-‘हिम्मत है तो गिरफ्तार करके दिखाओ’

स्टिंग विवाद पर डीके शिवकुमार को कुमारस्वामी ने दी चुनौती, कहा-‘हिम्मत है तो गिरफ्तार करके दिखाओ’

Bengaluru, 15 अक्टूबर . कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन को लेकर Political विवाद गहरा गया है. केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Chief Minister डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि वे उन्हें निशाना बनाने के लिए Police और Governmentी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं.

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Thursday को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टिंग ऑपरेशन की जांच किसी सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में कराने की मांग की और राज्य Government को निष्पक्ष जांच कराने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है बल्कि यह जांच किसी मौजूदा जज की देखरेख में होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “सीएम शिवकुमार और प्रियांक खड़गे, अगर आपमें हिम्मत है, तो किसी रिटायर्ड जज की देखरेख में जांच करवाएं. मैं बहादुरी से बोल रहा हूं, आप लोगों की तरह कायर नहीं हूं. क्या आपको लगता है कि मैं डर जाऊंगा? आपने कहा है कि अगर कोई संदेह हुआ तो मुझे हिरासत में ले लिया जाएगा. मुझे छूने की हिम्मत तो करके दिखाओ. आंदोलन शुरू हो जाएगा और फिर देखता हूं कि आप किस-किस को छू पाते हैं.”

कुमारस्वामी ने कहा कि अगर उनके पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोई गलत काम किया है, तो वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई सबूत है, तो वे खुद Bengaluru Police कमिश्नर के कार्यालय जाकर Police से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कह सकते हैं.

उन्होंने पूछा, “अगर उन्होंने कोई गलती की है, तो मैं आपका साथ दूंगा. मैं खुद आगे आऊंगा. आप Political खेल खेलने के लिए अपनी सत्ता और Police का दुरुपयोग नहीं कर सकते. आप सम्मान के लायक नहीं हैं. क्या आपमें जरा भी जमीर है?”

अपनी भाषा के लिए जनता से माफी मांगते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कभी भी इस स्तर तक गिरकर बात नहीं की थी लेकिन उन्होंने कहा कि यहां राज्य के हित दांव पर लगे हैं.

उन्होंने Police को निर्दोष पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार न करने की चेतावनी भी दी, खासकर इसलिए क्योंकि Friday से पांच-छह दिनों तक अदालतें बंद रहेंगी. उन्होंने Police अधिकारियों से आग्रह किया कि वे धमकियां देने वालों को न बचाएं और मांग की कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई भी कार्रवाई सबूतों के आधार पर ही की जानी चाहिए.

कुमारस्वामी ने Chief Minister पर उन्हें जेल भेजने की कोशिश करने का आरोप लगाया और इस कदम की तुलना पूर्व मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) विधायक एचडी रेवन्ना से जुड़े मामले से की.

उन्होंने सवाल किया, “मैं रेवन्ना नहीं हूं. आपने एक महिला को बुलाया, उससे झूठा बयान लिया और उन्हें (रेवन्ना को) पांच दिनों के लिए जेल भेज दिया. क्या आपको लगता है कि आप मेरे साथ भी ऐसा ही कर सकते हैं?”

कुमारस्वामी ने चल रही जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि Policeकर्मियों ने उनकी पार्टी के ‘वॉर रूम’ से जुड़े एक युवक को बिना कोई नोटिस दिए हिरासत में ले लिया, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे रात 8 बजे तक एक शेड जैसी जगह पर रखा. उन्होंने दावा किया कि उस युवक को अपनी पत्नी से बात तक नहीं करने दी गई.

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वॉर रूम’ के एक अन्य कर्मचारी से भी फोन पर संपर्क करके पूछताछ की गई थी. उन्होंने Police को चुनौती दी कि वे जांच के हिस्से के रूप में Chief Minister और उनके निजी सहायक के मोबाइल फोन की भी जांच करें.

उन्होंने पूछा, “अगर आप यह सारी जानकारी इकट्ठा करते हैं और फिर दावा करते हैं कि स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कुमारस्वामी हैं, तो यह किस तरह की जांच है?”

कुमारस्वामी ने प्रज्वल रेवन्ना मामले में Chief Minister से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप को लेकर प्रियांक खड़गे से भी सवाल किया कि इसकी जांच क्यों नहीं की गई.

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि जब उनके अपने नेताओं पर आरोप लगते हैं, तो वे अलग मापदंड अपनाते हैं, लेकिन जब Political विरोधियों को निशाना बनाया जाता है, तो वे अलग मापदंड अपनाते हैं.

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एसएके/पीएम

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