
New Delhi, 7 अक्टूबर . भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के हेड वीवीएस लक्ष्मण का सीनियर पुरुष राष्ट्रीय सिलेक्शन कमेटी की बैठकों में शामिल होना अब आगे से एक नियम बन जाएगा. उन्होंने बताया कि यह फैसला पिछले महीने Mumbai में हुए हेडक्वार्टर में एक व्यापक रिव्यू मीटिंग के दौरान लिया गया था.
Tuesday शाम को बीसीसीआई ने अपने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें लक्ष्मण को गुवाहाटी के एसीए स्टेडियम में हुई सीनियर पुरुष टीम की सिलेक्शन मीटिंग में देखा गया. इस मीटिंग में सैकिया के अलावा सीनियर पुरुष सिलेक्शन पैनल के सदस्य प्रज्ञान ओझा, एसएस दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह भी शामिल थे. वे न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज और न्यूजीलैंड ए के खिलाफ तीन मैचों की रेड-बॉल ए सीरीज के लिए भारतीय टीम चुनने के लिए इकट्ठा हुए थे.
सैकिया ने Wednesday को ‘ ’ को बताया, “वीवीएस लक्ष्मण Tuesday की मीटिंग में इसलिए मौजूद थे ताकि टीम चुनते समय सिलेक्टर्स और सीओई के बीच कोई गलतफहमी न हो. वह Bengaluru में बीसीसीआई सीओई में क्रिकेट के हेड हैं और अब से वह सीनियर पुरुष टीम की सिलेक्शन की सभी बैठकों में शामिल होंगे. उन्हें खिलाड़ियों की चोटों के बारे में पूरी जानकारी है, और किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए लक्ष्मण को आगे पुरुष टीम की सिलेक्शन बैठकों में शामिल होना चाहिए. यह फैसला पिछले महीने Mumbai में हुई रिव्यू मीटिंग के बाद लिया गया था (जिसमें लक्ष्मण भी मौजूद थे).”
हाल के दिनों में पुरुष टीमों के सिलेक्शन में कभी-कभी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर उलझनें देखने को मिली हैं. कई बार खिलाड़ियों को टीम में शामिल तो किया गया, लेकिन बाद में उन्हें बाहर करना पड़ा क्योंकि वे दौरे से पहले पूरी तरह फिट नहीं हो पाए थे. बीसीसीआई सचिव ने आगे कहा, “यह पारदर्शिता की बात नहीं है. असल में, इसका मकसद यह पक्का करना है कि सिलेक्टरों को खिलाड़ियों और उनकी फिटनेस के बारे में पूरी और सही जानकारी मिले, ताकि वे सही फैसले ले सकें.”
हालांकि यह नियम सीनियर पुरुष टीम की सिलेक्शन मीटिंग के लिए है लेकिन अभी यह पता नहीं चला है कि सीनियर महिला टीम की सिलेक्शन मीटिंग के लिए भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी या नहीं. पिछले कुछ महीनों में, चोट की वजह से कई महिला खिलाड़ियों की अहम टूर्नामेंट में उपलब्धता पर असर पड़ा है.
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एसएम/पीएम