सीएम उमर अब्दुल्ला ने ‘जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2026-35’ के ड्राफ्ट की समीक्षा की

New Delhi, 24 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने Thursday को श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में ‘जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2026-35’ के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में प्रस्तावित औद्योगिक नीति के विभिन्न पहलुओं और प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.

समीक्षा के दौरान Chief Minister ने जोर दिया कि नई औद्योगिक नीति में व्यापक और प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन ढांचा तैयार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि नीति में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के साथ-साथ उभरते हुए ‘सनराइज सेक्टर’—यानी तेजी से विकसित हो रहे नए उद्योगों के लिए भी विशेष सहायता का प्रावधान होना चाहिए.

सीएम उमर अब्दुल्ला ने स्थानीय उद्योगों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि कारोबार करने की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश में नए उद्यमों और निवेश को प्रोत्साहन मिल सके.

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि Government द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहनों को स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और कौशल विकास से सीधे जोड़ा जाना चाहिए. इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

Chief Minister ने कहा कि प्रस्तावित औद्योगिक नीति का उद्देश्य पूरे जम्मू-कश्मीर में निवेश, उद्यमिता और औद्योगिक विकास के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होना चाहिए. इसके साथ ही नीति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सार्थक और टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.

दूसरी ओर, Chief Minister कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में Government ने अंत्योदय अन्न योजना वाले परिवारों को हर साल छह (6) मुफ्त एलपीजी कुकिंग गैस सिलेंडर देने की मंज़ूरी दे दी है. इस अहम पहल का मकसद सबसे जरूरतमंद परिवारों को सीधी राहत पहुंचाना, कमजोर वर्गों के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना और सामाजिक न्याय व जन-कल्याण के प्रति Government की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है.

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डीकेएम/डीकेपी

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