
शिमला, 4 सितंबर . Himachal Pradesh के पूर्व Chief Minister और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने Friday को कहा कि इस हफ्ते राज्य विधानसभा में पेश की गई सीएजी की रिपोर्ट ने सुखविंदर सुक्खू Government के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय कुप्रबंधन और अनियमितताओं का पर्दाफाश किया है.
एक बयान में ठाकुर ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट में ऑनलाइन टेंडरिंग, खरीद और टैक्स कलेक्शन में गड़बड़ियों की ओर इशारा किया गया है, जिससे राज्य के खजाने को रेवेन्यू का नुकसान हुआ है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि Government हर मोर्चे पर बुरी तरह नाकाम रही है, चाहे वह ऑनलाइन टेंडरिंग हो, खरीद में पारदर्शिता हो या टैक्स कलेक्शन. राज्य को इन नाकामियों की कीमत रेवेन्यू के नुकसान के तौर पर चुकानी पड़ी है. Chief Minister को राज्य की जनता को इन खामियों के पीछे की वजहें बतानी चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि Government के फैसले राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाकर कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाते दिख रहे हैं और सवाल उठाया कि Government की सरपरस्ती से किसे फायदा हो रहा है.
ठाकुर ने राज्य के बढ़ते रेवेन्यू और फिस्कल घाटे पर भी चिंता जताई.
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना बजट आवंटन के करीब 438 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जबकि योजनाओं के लिए 673 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया, लेकिन असल में कोई खर्च नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट में बताई गई सबसे गंभीर गड़बड़ियां Governmentी विभागों और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स द्वारा सामान, सेवाओं और कामों के लिए ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम के जरिए खरीद और टेंडरिंग से जुड़ी थी.
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सुक्खू Government द्वारा वादा किया गया सिस्टम में बदलाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक खास ग्रुप को टेंडर में हिस्सा लेने और कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए विभागीय संसाधनों का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जा रही थी.
Governmentी नियुक्तियों के मुद्दे पर ठाकुर ने एक अहम नियुक्ति को रद्द करने और उसकी जगह एक योग्य उम्मीदवार को नियुक्त करने के आदेश का स्वागत किया.
उन्होंने कहा कि इस कदम ने Government के मनमाने कामकाज पर रोक लगाई है.
ठाकुर ने आरोप लगाया कि नियुक्तियों और दूसरे मामलों में लिए गए फैसलों से Chief Minister के सिस्टम में बदलाव के दावे को कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि Government के कई फैसले निष्पक्षता और न्याय की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं और Chief Minister पर अपने साथियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया.
ठाकुर ने कहा कि Chief Minister को तानाशाही रवैया अपनाने के बजाय अपने तौर-तरीके सुधारने चाहिए और संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए.
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डीकेएम/डीएससी