
Bengaluru, 4 सितंबर . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Friday को भाजपा पर निशाना साधा. भाजपा उस प्रस्तावित बिल को वापस लेने का श्रेय लेने की कोशिश कर रही थी, जिसमें पार्क की जमीन का 5 प्रतिशत तक हिस्सा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई थी. शिवकुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर Political आरोपों-प्रत्यारोपों के बजाय विस्तृत चर्चा की जरूरत है. सभी दलों के नेताओं से मिलकर काम करने की अपील करते हुए शिवकुमार ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सुझावों के लिए तैयार हैं.
भाजपा नेताओं की आलोचना का जवाब देते हुए कि उन्होंने यू-टर्न ले लिया है, शिवकुमार ने कहा कि वे कह रहे हैं कि मैंने यू-टर्न लिया है. मैं यू-टर्न क्यों लूंगा, मैं तो बस उन्हें चिंताओं के बारे में बता रहा था. उन्होंने विधानसभा में इस मामले पर चर्चा नहीं की.
उन्होंने कहा कि मैं कह रहा हूं कि यह मुद्दा अलग-अलग समय और अलग-अलग Governmentों के दौरान आगे बढ़ा है. मैं येदियुरप्पा और बोम्मई के कार्यकाल में जो हुआ, उसकी सूची जारी करूंगा. इस पर चर्चा होनी चाहिए.
भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवकुमार ने उन लोगों पर Bengaluru में विकास परियोजनाओं का विरोध करने का आरोप लगाया. उन्होंने सिद्धारमैया के कार्यकाल के दौरान स्टील ब्रिज के प्रस्ताव के विरोध को भी गिनाया.
उन्होंने कहा कि पहले जब सिद्धारमैया ने स्टील ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा था, तो इन्हीं भाजपा नेताओं ने इसका विरोध किया था. वे विकास के खिलाफ हैं. अगर Bengaluru पर किसी तरह का ‘अभिशाप’ है, तो उसके लिए भाजपा जिम्मेदार है. मुझे कोई एक ऐसी बड़ी परियोजना बताएं जो उन्होंने अपने कार्यकाल में Bengaluru के लिए शुरू की हो.
शिवकुमार ने कहा कि वे आर. अशोक, एचडी कुमारस्वामी और बीवाई विजयेंद्र सहित भाजपा नेताओं पर व्यक्तिगत हमले नहीं करना चाहते.
उन्होंने कहा कि Chief Minister के तौर पर मैं ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता जिनका इस्तेमाल विपक्ष के नेता आर. अशोक, Union Minister एचडी कुमारस्वामी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र करते हैं. यह पद मुझे राज्य की जनता और मेरी पार्टी ने दिया है और वे सम्मान के हकदार हैं.
शिवकुमार ने Government के प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा कि मकसद पार्क की जमीन बेचना नहीं बल्कि बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सामान्य रूपरेखा तैयार करना था.
उन्होंने पूछा कि वे हर मुद्दे को अलग-अलग उठा रहे थे और हर मामले से अलग-अलग निपट रहे थे. इसलिए हमारे विभाग ने इसे एक सामान्य प्रस्ताव बना दिया. क्या हम किसी को पार्क बेच रहे हैं.
उन्होंने Bengaluru मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को जमीन ट्रांसफर करने का उदाहरण देते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के मकसद से किसी दूसरी Governmentी कंपनी को जमीन ट्रांसफर करने का मतलब उसे बेचना नहीं है. हो सकता है कि मैं उनमें से कुछ लोगों जितना पढ़ा-लिखा न होऊं लेकिन मुझमें आम समझ तो है ही. क्या कोई पार्क बेचेगा.
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से पार्क वाले इलाकों का हिस्सा रहे या उनसे जुड़ी जमीन पर कई सार्वजनिक इमारतें बनाई गई हैं. उन्होंने एलएच बिल्डिंग, हाई कोर्ट पार्किंग, प्रेस सुविधाओं, इंदिरा गांधी फाउंटेन और बसव भवन का उदाहरण दिया.
उन्होंने कहा कि आपने जो भी किया है, उसका एक उदाहरण लीजिए. सड़क पर आगे बढ़िए, बाएं मुड़िए और आपको कोने पर एक इमारत दिखेगी. मैं आपको दिखा सकता हूं. मैं इन सभी जगहों को जानता हूं. वहां जेपी पार्क है और कई अन्य पार्क भी हैं. मैं इन सभी जगहों की जानकारी जारी कर रहा हूं. इसलिए मुझे बेवजह न उकसाएं.
शिवकुमार ने कहा कि अलग-अलग समय पर, उस खास दौर की जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग फैसले लिए गए हैं. हमें यह समझने की जरूरत है. यह सिर्फ यह कहने की बात नहीं है कि ‘मैंने इसे वापस ले लिया, मैंने यू-टर्न ले लिया और बस हो गया.
उन्होंने कहा कि जब आप सत्ता में नहीं होते हैं, तो आपको कई चीजों की जरूरत होती है और आप हर तरह की मांग करते हैं. जब आप सत्ता में होते हैं, तो अगर आप कोई मांग करते हैं, तो आपके लिए सब कुछ हो जाता है. इसीलिए मैंने इसे वापस भेजा है और कहा है कि आइए इस पर चर्चा करें. आइए बातचीत करें.
उन्होंने कहा कि Government के लिए सच में जरूरी प्रोजेक्ट्स पर उचित विचार-विमर्श के बाद काम किया जा सकता है.
Political नेताओं से मिलकर काम करने की अपील करते हुए शिवकुमार ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सुझावों के लिए तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि मैं उनसे सम्मानपूर्वक कह रहा हूं कि हम सभी को साथ आकर मिलकर काम करना चाहिए. अब, आप मुझे एक सुझाव दे रहे हैं. अगर मैं आपका सुझाव मान लेता हूं, तो क्या आप कह सकते हैं कि यह गलत यू-टर्न था? यह सही नहीं है.
–आईएएनए
डीकेएम/पीएम