
शामली, 5 सितंबर . सहारनपुर कलेक्ट्रेट के अंदर बनी मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है. Samajwadi Party की सांसद इकरा हसन समेत कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए इकरा हसन ने कहा, “कल शाम को मेरे घर के बाहर Police तैनात कर दी गई और हमका रात में जाने से रोका गया. सहारनपुर में हमारे जितने भी पार्टी के लोग और नेता हैं, सभी लोगों का हाउस अरेस्ट किया गया है. एक फरमान जारी करके धार्मिक स्थल को तोड़ दिया गया है. सिर्फ Political फायदों के लिए धर्मस्थल को तोड़ा जा रहा है?”
इकरा हसन ने कहा कि Lucknow भी मेरी बात हुई है. हमने अखिलेश यादव और पार्टी के सभी लोगों को अवगत कराया है. इस मामले में कोई न कोई तरीका निकाला जा रहा था, लेकिन मोहलत ही नहीं दी गई. आजकल प्रदेश में ‘क्विक जस्टिस’ का प्रकरण चल रहा है. एक आतंकी को भी मर्सी पीटिशन समेत कई मौके मिलते हैं. परसों एक फैसला आया और एक रात का वक्त नहीं दिया गया. यह 1947 से पहले की बनी मस्जिद है, प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट लागू होता है, वक्फ बाई यूजर लागू होता है. सब चीजों को दरकिनार कर दिया गया.”
सपा सांसद ने कहा कि इस एक खास समुदाय के लोग प्रभावित होते, इसलिए उनके धार्मिक स्थल को जमीदोज कर दिया गया. यह तानाशाही है. हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे. जो फैसला आया है, वो मस्जिद को मद्देनजर रखते हुए नहीं आया है. प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट मेंशन नहीं है और कानूनी दाव पेच में कुछ चीजें रह जाती हैं तो मौका दिया जाता है, यही देश का संविधान कहता है. अधिकारियों को भी सोचना चाहिए कि ऐसा करने से किस तरह से धार्मिक उन्माद फैलेगा.
–
एसडी/वीसी