
New Delhi, 1 सितंबर . सर्जन वाइस एडमिरल मनीष होनवाड़ ने Tuesday को सशस्त्र सेना चिकित्सा कॉलेज (एएफएमसी), पुणे के निदेशक और कमांडेंट का पद संभाल लिया. उन्होंने Tuesday सुबह यह जिम्मेदारी ग्रहण की. गौरतलब है कि सशस्त्र सेना चिकित्सा कॉलेज (एएफएमसी) एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य चिकित्सा हैं.
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि मनीष होनवाड़ New Delhi स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के पूर्व छात्र हैं. यहां से उन्होंने लोक प्रशासन में एमफिल की डिग्री प्राप्त की. सर्जन वाइस एडमिरल मनीष होनवाड़ का सैन्य चिकित्सा क्षेत्र में 37 वर्ष से अधिक का लंबा अनुभव है. इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक, चिकित्सकीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं.
सर्जन वाइस एडमिरल मनीष होनवाड़ का एएफएमसी से पुराना संबंध रहा है. उन्होंने वर्ष 1989 में इसी संस्थान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने वर्ष 1998 में एएफएमसी से एनेस्थीसियोलॉजी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन में एमडी किया. उन्होंने Bengaluru स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान से न्यूरो-एनेस्थीसियोलॉजी में विश्व स्वास्थ्य संगठन की फेलोशिप भी हासिल की है.
एडमिरल मनीष नौसेना मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक चिकित्सा सेवा के पद पर भी रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने आईएनएचएस संजीवनी और आईएनएचएस अश्विनी के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है. एएफएमसी के निदेशक और कमांडेंट का पद संभालने से पहले उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थानों और सैन्य चिकित्सा जिम्मेदारियां संभाली हैं.
सर्जन वाइस एडमिरल होनवाड़ स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी विशेषज्ञता रखते हैं. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वह सोसाइटी फॉर सिमुलेशन इन हेल्थकेयर, अमेरिका से प्रमाणित हेल्थकेयर सिमुलेशन एजुकेटर हैं. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षण और सिमुलेशन तकनीक पर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में व्याख्यान भी दिए हैं. वह इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वक्ता के रूप में भी जाने जाते हैं. मरीजों की देखभाल और सैन्य सेवा के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें वर्ष 2025 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था.
उन्हें नौसेना प्रमुख की ओर से वर्ष 2006 और 2013 में दो बार प्रशस्ति पत्र भी मिल चुका है. इसके अलावा उन्हें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिण की ओर से वर्ष 2007 में प्रशस्ति पत्र दिया गया था. इसके अलावा फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिम की ओर से वर्ष 2011 में भी प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक ने सभी अधिकारियों और जवानों की ओर से सर्जन वाइस एडमिरल मनीष होनवाड़ को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं.
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जीसीबी/एसके