सनातन स्वाभिमान यात्रा में वोट चोरी और चंदा चोरी दो बड़े मुद्दे रहेंगे: दिग्विजय सिंह

Bhopal , 7 अक्टूबर . Madhya Pradesh के पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर निकल रहे हैं. शिवधाम (उज्जैन) से रामधाम (अयोध्या) तक होने वाली यह यात्रा कल 950 किमी की होगी. दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस समय वोट चोरी और चंदा चोरी दो बड़े मुद्दे हैं. उन्होंने Wednesday को पत्नी अमृता राय के साथ Bhopal में हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश के सामने आज दो बड़े मुद्दे हैं, एक ‘वोट चोरी’, जिससे लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, और दूसरा ‘चंदा चोरी’, जिससे लोगों की धार्मिक आस्था और विश्वास प्रभावित हो रहा है. इन दोनों मुद्दों पर पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर मैं सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहा हूं.

पूर्व Chief Minister सिंह ने यात्रा का स्वरूप बताते हुए कहा कि 20 अक्टूबर को उज्जैन के महाकाल मंदिर से प्रारंभ होकर ओरछा के रामराजा Government मंदिर से होते हुए अयोध्या के श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी. यह एक शांतिपूर्ण जन-जागरण यात्रा होगी. हमारी यात्रा किसी धर्म, संप्रदाय या व्यक्ति के विरुद्ध नहीं है. हम समाज से कहना चाहते हैं, मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं. श्रद्धालुओं का चढ़ावा और दान उनकी मेहनत और श्रद्धा से आता है. उस धन की रक्षा करना और उसका पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है.

उन्होंने बताया कि हमारी इस ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ में एक व्यक्ति अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) लेकर चलेगा और एक व्यक्ति धर्म ध्वज, जिसे इंद्र ध्वज भी कहा जाता है (पचरंगा), लेकर चलेगा. पचरंगे झंडे के पांच रंगों की खूबियां बताई. सिंह ने कहा कि इस प्रकार हमारा पचरंगा ध्वज शक्ति, ज्ञान, आत्मचिंतन, शांति और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश लेकर चलेगा.

उन्होंने बताया कि Supreme Court का ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ यात्रा का ध्येय वाक्य होगा, जिसका अर्थ है जहां धर्म (सत्य और न्याय) है, वही विजय है. यदि हम सत्य के साथ हैं, यदि हम न्याय के साथ हैं, यदि हम ईमानदारी के साथ हैं, यदि हम धर्म स्थलों की पवित्रता की रक्षा के लिए खड़े हैं, तो हमारा मार्ग धर्म का मार्ग है. पूर्व Chief Minister ने बताया कि सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा उज्जैन से अयोध्या तक कुल 930 किमी की यात्रा है जो Madhya Pradesh में उज्जैन से प्रारंभ होकर अयोध्या पहुंचेगी.

इस दौरान दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय ने कहा कि जब दिग्विजय सिंह ने उनके सामने यह प्रस्ताव रखा कि वे उज्जैन से अयोध्या यात्रा करना चाहते हैं, तो उन्हें लगा कि यह अच्छा विचार है और हमें इसे प्रमोट करना चाहिए. अमृता राय ने सिंह के व्यक्तित्व पर बात करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह को एक व्यक्ति के रूप में अपने संकल्पों के लिए देखा जाएगा तो वे अपने संकल्पों में सतपुड़ा के समान हैं. जिस तरह विशाल, लंबी और अडिग रहने वाली पर्वत श्रृंखला के रूप में हम सतपुड़ा को देखते हैं, वैसा ही व्यक्तित्व दिग्विजय सिंह का है.

दिग्विजय सिंह की मांग है कि श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और श्रीराम मंदिर की व्यवस्था का दायित्व पूर्व में बने रामालय ट्रस्ट को सौंपा जाए, जिसमें सभी पीठों के पूज्य शंकराचार्य गण, रामानंद संप्रदाय के संत गण, निर्मोही अखाड़े के प्रमुख एवं गोरखनाथ मठ के प्रतिनिधि विशेष रूप से सम्मिलित हों.

उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की ताजा घटनाओं में ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव, कोषाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाया जाए तथा उन्हें भी आरोपी बनाया जाए. राम मंदिर ट्रस्ट में किसी भी राजनेता या सांप्रदायिक संगठनों के सदस्यों को न तो पदाधिकारी बनाया जाए और न ही उन्हें कोई दायित्व सौंपा जाए.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमारी मांग है कि महाकाल मंदिर, उज्जैन, रामराजा मंदिर, ओरछा और श्री राम जन्मभूमि मंदिर सहित देश के प्रमुख धर्मस्थलों और उनसे जुड़े ट्रस्टों तथा सार्वजनिक परियोजनाओं में नियमित स्वतंत्र ऑडिट हो, आय-व्यय सार्वजनिक हो, दान एवं चढ़ावे का पारदर्शी हिसाब हो, जमीनों के प्रत्येक बड़े लेन-देन की जानकारी सार्वजनिक हो, निर्माण कार्यों और ठेकों में पारदर्शिता हो और जहां भी प्रथम दृष्टया अनियमितता मिले, वहां निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई हो. भगवान का नाम राजनीति, निजी लाभ या भ्रष्टाचार का माध्यम नहीं बनना चाहिए.

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एसएनपी/डीकेपी

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