
New Delhi/अगरतला, 4 सितंबर . त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में 28 सितंबर को होने वाले विलेज कमेटी चुनावों से पहले Friday को New Delhi में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई. Chief Minister माणिक साहा ने इस बातचीत को ‘फायदेमंद और रचनात्मक’ बताया.
गृह मंत्री शाह और साहा के अलावा, बैठक में भाजपा के नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेटर और पुरी से Lok Sabha सांसद संबित पात्रा और टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा भी मौजूद थे.
बैठक के बाद, त्रिपुरा के Chief Minister ने social media पर एक पोस्ट में कहा कि आज New Delhi में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. बैठक के दौरान टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक महाराजा प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा और भाजपा के नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. संबित पात्रा जी मौजूद थे. साहा ने बैठक के फैसलों के बारे में विस्तार से बताए बिना कहा कि हमने आपसी महत्व के मुद्दों और त्रिपुरा के लोगों के विकास और कल्याण पर फायदेमंद और रचनात्मक चर्चा की.
इससे पहले, त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) इलाकों में होने वाले विलेज कमेटी चुनावों में गठबंधन को लेकर भाजपा नेताओं और उनके सहयोगी टीएमपी के बीच कई बार बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला था.
टीएमपी प्रमुख देबबर्मा ने Wednesday (2 सितंबर) को एक वीडियो मैसेज में साफ तौर पर कहा था कि अगर त्रिपक्षीय समझौते की शर्तों, खासकर मूल आदिवासियों के जमीन के अधिकारों से जुड़ी शर्तों, को लागू नहीं किया गया, तो उनकी पार्टी कोई चुनावी गठबंधन नहीं करेगी.
लंबे समय तक चली बातचीत के बाद, उस समय विपक्ष में रही टीएमपी ने 2 मार्च, 2024 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और Chief Minister माणिक साहा की मौजूदगी में केंद्र और त्रिपुरा Government के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसके बाद, 13 विधायकों वाली टीएमपी 7 मार्च, 2024 को भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन Government में शामिल हो गई, जिससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आया.
भाजपा के पांच केंद्रीय नेता, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, पार्टी के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा, पूर्वोत्तर सह-समन्वयक राजीव बब्बर, केंद्रीय पर्यवेक्षक राजदीप रॉय और जीआर रवींद्र राजू—इस सप्ताह की शुरुआत में अगरतला पहुंचे और विलेज कमेटी चुनावों की तैयारियों और रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए राज्य के नेताओं के साथ दो दिनों (1 और 2 सितंबर) तक कई बैठकें कीं.
इन बैठकों में Chief Minister माणिक साहा, राज्य भाजपा अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय, पूर्व Chief Minister बिप्लब कुमार देब, पूर्व राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य राजीव भट्टाचार्य, रतन लाल नाथ सहित वरिष्ठ मंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
गैर-टीटीएएडीसी क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के बराबर, 587 विलेज कमेटियों के तहत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों की 4,597 सीटों के लिए Political रूप से महत्वपूर्ण चुनाव 10 साल के अंतराल के बाद 28 सितंबर को होंगे.
–
एमएस/