विमेंस एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के खिलाफ खेलना किसी सपने जैसा: कैरी चान

New Delhi, 27 अगस्त . हांगकांग-चीन की लेफ्ट-आर्म रिस्ट-स्पिनर कैरी चान को डायरिया की वजह से कुछ समय अस्पताल में बिताने पड़े थे. यह विमेंस एशिया कप 2026 में खेलने के सपने में एक छोटी-सी रुकावट थी, लेकिन अब सब कुछ सही है. टीम शीट पर ‘का यिंग चान’ के नाम से पहचानी जाने वाली कैरी, इतिहास की उन सात महिला गेंदबाजों में से एक हैं, जिनके नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 150 या उससे ज्यादा विकेट दर्ज हैं.

‘ग्रुप-ए’ में मौजूद हांगकांग-चीन की टीम 28 अक्टूबर को थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले के साथ अपने अभियान की शुरुआत करेगी. इसके बाद 3 सितंबर को उसका सामना India से होगा. 7 सितंबर को उसके सामने Pakistan होगा. कैरी इन दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं.

कैरी ने ‘सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क’ के जरिए ‘ ’ से ​​खास बातचीत में कहा, “यह सब बहुत अजीब और अविश्वसनीय लगता है, क्योंकि हम हमेशा India या Pakistan की टीमों को टीवी पर खेलते हुए देखते थे, और हमें कभी उनके खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला. इसलिए जब हमने (2026 विमेंस प्रीमियर कप के जरिए) क्वालीफाई किया, तो हम सभी काफी उत्साहित थे. इस पर यकीन नहीं हो रहा था. हमें सच में लगा कि यह कोई सपना है. हम सब अब बहुत उत्साहित हैं और इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.”

कैरी के लिए, उन खिलाड़ियों के खिलाफ गेंदबाजी करना जिन्हें उन्होंने लंबे समय से टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर देखा है, सम्मान की बात है. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि इस भावना को कैसे बयां करूं क्योंकि मैंने उन खिलाड़ियों को स्क्रीन पर देखकर ही क्रिकेट सीखा है. अब मैं उनके खिलाफ खेलने जा रही हूं. मुझे उन्हें गेंदबाजी करनी है और उनकी गेंदबाजी का सामना करना है. सच कहूं तो घबराहट भी हो रही है, लेकिन मैं बेहद उत्साहित हूं. मैंने उनसे क्रिकेट की कई स्किल्स सीखी हैं और अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए बहुत सारे क्रिकेट वीडियो और मैच भी देखे हैं. इसलिए अब उन्हें यह दिखाने का मौका है कि हमारा स्तर क्या है.”

श्रीलंका में हुई तैयारी से टीम को उन हालात और गेंदबाजी की विविधताओं का अहम अनुभव मिला, जिनकी उन्हें Dubai में उम्मीद है. उन्होंने कहा, “हमें कई तरह के गेंदबाजों का सामना करना पड़ा – जैसे कि ऐसे लेफ्ट-आर्म बॉलर्स जिनका हमने पहले कभी सामना नहीं किया था. यह कुछ-कुछ वैसा ही है जैसा हमें एशिया कप में देखने को मिलेगा, क्योंकि India या Pakistan की टीमों में भी कई ऐसे गेंदबाज हैं, जिनका हमने पहले कभी सामना नहीं किया है.”

“मुकाबलों की तैयारी के लिए इन अलग-अलग गेंदबाजों का सामना करना एक अच्छा मौका था, खासकर इसलिए क्योंकि यहां की पिच काफी हद तक वैसी ही है जैसी Dubai में होगी. इसलिए, टीम और एशिया कप की प्रैक्टिस में जो समय हमने बिताया, उसके हिसाब से मुझे लगता है कि हमने श्रीलंका में अच्छी तैयारी की और खुद को पूरी तरह से तैयार कर लिया.”

इस उत्साह के पीछे एक बदली हुई टीम है, जिसे India की पूर्व कप्तान और अभी उनकी हेड कोच ममता माबेन के लाए पेशेवर मानक से नई ऊंचाई मिली है. उन्होंने कहा, “टीम में माबेन का होना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है, क्योंकि वह India की कप्तान रह चुकी हैं और उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर खेलने और कोचिंग का काफी अनुभव है. जब से उन्होंने हमें कोचिंग देना शुरू किया, हम एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं, उनकी सोच मुख्य रूप सेउच्च गुणवत्ता, पेशवर अंदाज और सबसे बेहतरीन बनने के बारे में है. जब वह टीम में आईं, तो उन्होंने हमें काफी बदला – न सिर्फ स्किल के मामले में, बल्कि खास तौर पर मानसिक रूप से भी – जैसे हम खेल के लिए कैसे तैयारी करते हैं, हमारा रूटीन और वे छोटी-छोटी बातें जिन्हें हम जरूरी नहीं समझते थे. इस संस्कृति ने हमें बेहतर क्रिकेटर बनाया.”

माबेन के साथ-साथ, टीम की स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच तनुजा लेले ने पिछले तीन महीनों में उनकी फिटनेस रूटीन को नए सिरे से तैयार किया है. कैरी ने कहा, “हमें एक बहुत अच्छी एसएंडसी कोच मिली हैं जो हमें बताती हैं कि क्या खाना है, क्या नहीं खाना है और हमें क्या करने की जरूरत है. पहले हमारे पास दूसरे खेल के ट्रेनर थे, लेकिन वह क्रिकेट के हिसाब से नहीं था. अब हमारे पास ऐसी ट्रेनर हैं जिन्हें क्रिकेट के बारे में बहुत जानकारी है, और इसीलिए वह हमें बहुत अच्छा प्रोग्राम दे सकती हैं ताकि हमें पता चल सके कि एक क्रिकेटर, बल्लेबाज और गेंदबाज के तौर पर हमें किस तरह के प्रोग्राम की जरूरत है. इससे मुझे प्रेरणा मिलती है, क्योंकि वह भारतीय टीम के खिलाड़ियों को भी ट्रेन कर चुकी हैं. मुझे लगता है, ‘ठीक है, अगर मैं उनकी बताई बातों को मानूं, तो शायद एक दिन हम उनके लेवल के करीब पहुंच सकें.’ यह आसान नहीं है, लेकिन सच कहूं तो मुझे इसमें काफी मजा आ रहा है.”

इस सफर में घरेलू स्तर पर बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, खासकर इसलिए क्योंकि हमारे पास सिर्फ एक मुख्य मैदान है और हमें हफ्ते में तीन बार, लगभग तीन घंटे का समय मिलता है, जिसमें लड़के और लड़कियां मिलकर अभ्यास करते हैं.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अलग-अलग टीमों या देशों को अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हां, हमारे पास मैदान की समस्या है और ट्रेनिंग के लिए ज्यादा जगह नहीं है, लेकिन मैं हमेशा लड़कियों से कहती हूं, और हम आपस में बात करते हैं, कि हम माहौल के बारे में शिकायत नहीं कर सकते. हम अपने आस-पास के माहौल को नहीं बदल सकते, और न ही अचानक कोई नया मैदान या सुविधा ला सकते हैं. अगर हम उन चीजों को वश मे नहीं कर सकते, तो हम बस उन्हें स्वीकार करते हैं, हालात के हिसाब से ढलते हैं और जो कर सकते हैं, वह करते हैं. हम मुख्य रूप से अपने खाली समय का इस्तेमाल करते हैं. अगर आज हमारे पास खाली समय है, तो हम उसका इस्तेमाल अपना सर्वश्रेष्ठ देने और जितना हो सके उतना काम करने में करते हैं. इसलिए अब हमें इसकी आदत हो गई है. बेशक, भविष्य में हमें उम्मीद है कि चूंकि हमने इस एशिया कप के लिए क्वालीफाई किया है, Government हमें टर्फ विकेट पर ट्रेनिंग के लिए ज्यादा समय दे सकती है या फील्डिंग ट्रेनिंग और अन्य चीजों के लिए बड़ा मैदान दे सकती है. हांगकांग के बच्चों के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हम पारंपरिक रूप से क्रिकेट वाला शहर नहीं हैं, और बहुत से लोग इस खेल के बारे में नहीं जानते हैं, लेकिन हमारी जैसी टीम को एशिया कप में जगह बनाते देखकर युवा पीढ़ी मोटिवेट होगी और उन्हें पता चलेगा कि कुछ भी संभव है.”

उन्होंने बताया, “मैं स्मृति मंधाना की बहुत बड़ी फैन हूं, क्योंकि मैं भी बाएं हाथ की खिलाड़ी हूं, और वह दुनिया भर में बाएं हाथ के खिलाड़ियों के बीच एक लीजेंड हैं. बेशक, मुझे निश्चित तौर पर नहीं पता कि वह मेरे साथ जर्सी बदलेंगी या नहीं, लेकिन अगर मुझे मौका मिला, तो मैं उनके साथ जर्सी बदलना चाहूंगी और उनसे बहुत सारे सवाल पूछना चाहूंगी कि खेल की इतनी बड़ी लीजेंड कैसे बना जाए. मेरी टीममेट और मैंने एक डील की थी कि अगर मैं स्मृति को आउट कर पाई, तो मुझे ‘बबल टी’ मिलेगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ‘बबल टी’ ही मुख्य बात है – असली बात तो उनके खिलाफ बॉलिंग करने के समय का लुत्फ उठाना है. यह चीज मुझे अभी सच में प्रेरित करती है और मुझे एक बेहतर गेंदबाज बनने के लिए प्रेरित करती है.”

आरएसजी

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