विनेश फोगाट: विरासत में मिला रेसलिंग का खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते 3 गोल्ड, विवादों से भी रहा नाता

New Delhi, 24 अगस्त . विनेश फोगाट की गिनती India की सबसे मशहूर महिला रेसलर्स में की जाती है. विनेश अपने करियर में कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. हालांकि, करियर के दौरान उनका विवादों से भी खूब नाता रहा है.

विनेश का जन्म 25 अगस्त, 1994 को Haryana के बलाली गांव में हुआ. कुश्ती का खेल विनेश को विरासत में मिला. उनके ताऊ महावीर सिंह ने बेहद छोटी उम्र में ही विनेश को इस खेल की बारीकियां सिखाना शुरू कर दिया था. विनेश भी जल्द ही अपने चचेरी बहनें गीता और बबीता फोगाट की राह पर चल पड़ीं. हालांकि, यह सफर चुनौतियों से भरा रहा. विनेश जब सिर्फ 9 साल की थी, तो उनके पिता का निधन हो गया था. मगर ताऊ ने विनेश का कुश्ती से नाता नहीं टूटने दिया. सुबह 5 बजे उठकर ट्रेनिंग करने के बाद विनेश को स्कूल भी जाना पड़ता था.

हालांकि, यह कड़ी ट्रेनिंग विनेश के लिए वरदान साबित हुई. इंटरनेशनल स्टेज पर विनेश की झोली में पहला मेडल साल 2014 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में आया. इसके बाद रियो ओलंपिक में भी विनेश क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, लेकिन मेडल लाने से चूक गईं. कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में विनेश का दमदार प्रदर्शन एक बार फिर देखने को मिला और उन्होंने गोल्ड पर कब्जा जमाया. एशियन गेम्स में भी वह गोल्ड जीतने में सफल रहीं.

विनेश ने विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतने के साथ-साथ एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता और अपने खेल से हर किसी को प्रभावित किया. 2022 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी विनेश का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला और उन्होंने यहां भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया. वह कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनीं.

हालांकि, विनेश का विवादों से भी नाता रहा. उन्होंने साल 2023 में भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष का पद संभाल रहे बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और बजरंग पूनिया समेत अन्य रेसलर्स के साथ मिलकर जंतर-मंतर पर धरना दिया. वहीं, पेरिस ओलंपिक में विनेश को फाइनल मुकाबले से पहले 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जबकि टूर्नामेंट में उनका सिल्वर मेडल पक्का था. इस पर काफी विवाद भी हुआ था.

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एसएम/पीएम

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