
ताडेपल्ली (आंध्र प्रदेश), 23 सितंबर . वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आंध्र प्रदेश में टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन Government पर हमला बोला है. वाईएसआरसीपी ने Government के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने के लिए ‘आतंक का राज’ कायम करने का आरोप लगाया है.
पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज झूठे मामले दर्शाते हैं कि राज्य में लोकतंत्र को किस प्रकार कमजोर किया जा रहा है.
Wednesday को यहां वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए पार्टी के कानूनी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मनोहर रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘जंगल राज’ चल रहा है, जहां टीडीपी के गुंडे आंध्र प्रदेश खेल प्राधिकरण (एसएएपी) कार्यालय में बेरोजगार युवाओं और वाईएसआरसीपी नेताओं पर हमला कर रहे हैं और टास्क फोर्स छापेमारी कर परिवार के सदस्यों को डरा-धमका रही है.
उन्होंने कहा कि एमएलसी थलसिला रघुराम और देवीनेनी अविनाश के खिलाफ पुराने मामलों को फिर से खोलना भयावह है, जो Government की प्रतिशोधात्मक मंशा को दर्शाता है.
यह सब वाईएसआरसीपी नेताओं को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में चुनाव लड़ने का अवसर न देने की साजिश के तहत किया जा रहा है. मनमाने ढंग से उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, और इस तथ्य की अनदेखी की जा रही है कि Chief Minister चंद्रबाबू नायडू, उपChief Minister पवन कल्याण और शिक्षा मंत्री लोकेश के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं.
उन्होंने कहा कि विपक्ष के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने की इस प्रतिशोधी राजनीति में शामिल सभी लोगों को आने वाले दिनों में इसके परिणाम भुगतने होंगे.
कुप्पम में चंद्रबाबू नायडू की टिप्पणियां वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं, बेरोजगार युवाओं (जिनमें दिव्यांग व्यक्ति भी शामिल हैं) पर सुनियोजित हमले के पीछे साजिश का संकेत देती हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य को विपक्ष को निशाना बनाने के बजाय डीएससी में अनियमितताओं और खेल कोटा में हेरफेर की जांच पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन के पास उठाए गए तीखे सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए वह झूठे मामले दर्ज करा रहा है और असहमति की आवाज को दबाने के लिए Police का इस्तेमाल कर रहा है.
वाईएसआरसीपी शिक्षा मंत्री लोकेश के इस्तीफे और शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग कर रही है.
विपक्षी दल ने 21 सितंबर को विजयवाड़ा स्थित आंध्र प्रदेश खेल प्राधिकरण के कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.
–
एमएस/