वांग यी ने लानथ्सांग-मेकोंग सहयोग की 11वीं विदेश मंत्री बैठक के परिणामों की चर्चा की

बीजिंग, 4 नवंबर . चीन की राजधानी पेइचिंग में 4 नवंबर को लानथ्सांग नदी-मेकोंग नदी सहयोग (एलएमसी) की 11वीं विदेश मंत्री बैठक आयोजित की गई. बैठक के बाद, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और सह-अध्यक्ष देश थाईलैंड के उप Prime Minister और विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से मुलाकात की.
इस दौरान, वांग यी ने कहा कि वर्ष 2016 में अपनी स्थापना के बाद से, एलएमसी ने एक व्यापक, बहुस्तरीय और विस्तृत सहयोग ढांचा स्थापित किया है, जिसे सबसे गतिशील क्षेत्रीय सहयोग का “स्वर्णिम मॉडल” कहा जा सकता है. बैठक में हिस्सा लेने वाले छह देशों के विदेश मंत्रियों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की कि चीन और पांच मेकोंग नदी के देशों के बीच साझा भविष्य वाले समुदाय का निर्माण लगातार गहराता जा रहा है और अधिक व्यावहारिक होता जा रहा है.
वांग यी के अनुसार, वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच व्यापार 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है, जो 10 साल पहले की तुलना में 150 प्रतिशत की वृद्धि है और आसियान के साथ चीन के व्यापार का लगभग आधा हिस्सा है. एलएमसी विशेष कोष ने 1,000 से अधिक विकास परियोजनाओं का समर्थन किया है, जिससे सभी लानथ्सांग-मेकोंग देशों को लाभ हुआ है. इसके साथ ही, चीन के “लानथ्सांग-मेकोंग वीजा” ने छह देशों के लोगों के बीच आदान-प्रदान को सुगम बनाया है.
वांग यी ने कहा कि छह देशों के विदेश मंत्रियों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की कि एलएमसी दस साल पहले एक बीज से बढ़कर एक विशाल वृक्ष बन गया है, जिसका श्रेय अच्छे पड़ोसी संबंधों के प्रति इसकी प्रतिबद्धता, विकास पर ध्यान केंद्रित करने, लोगों के लाभ और नवाचार संचालित विकास को जाता है.
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए, हमें पांचवीं एलएमसी नेताओं की सफल बैठक से प्राप्त अवसर का लाभ उठाकर सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाना चाहिए.
पहला, हमें संयुक्त रूप से एकता और आत्मनिर्भरता को बनाए रखते हुए लानथ्सांग-मेकोंग संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए और दूसरी पंचवर्षीय कार्य योजना को लागू करना चाहिए.
दूसरा, हमें संयुक्त रूप से खुलेपन और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को बढ़ावा देते हुए “अंतर्राष्ट्रीय भूमि-समुद्री व्यापार गलियारे” पर सहयोग को गहरा करना चाहिए और जल प्रबंधन एवं पर्यटन में सहयोग को मजबूत करना चाहिए.
तीसरा, हमें संयुक्त रूप से हरित नवाचार का विस्तार करते हुए डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना चाहिए.
चौथा, हमें संयुक्त रूप से सुरक्षा सहयोग को मजबूत करते हुए “सुरक्षित लानथ्सांग-मेकोंग कार्य योजना” को सफलतापूर्वक लागू करना जारी रखना चाहिए.
और पांचवां, हमें संयुक्त रूप से आपदा प्रबंधन को मजबूत करते हुए सीमा-पार आपदा पूर्व चेतावनी सहयोग तंत्र की स्थापना को बढ़ावा देना चाहिए.
इसके अलावा, वांग यी ने यह भी कहा कि चीन मेकांग नदी के देशों के साथ मिलकर खोखले वादों से आगे बढ़कर एक मजबूत रणनीति अपनाएगा, और साझा आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने तथा वैश्विक दक्षिण में एकता और आत्मनिर्भरता का मानक स्थापित करने के लिए अधिक सशक्त उपाय करेगा.
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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