
गांधीनगर, 14 अक्टूबर . भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) Ahmedabad के डायरेक्टर और प्रोफेसर India ने बिजनेस एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दो वर्ष के ब्लेंडेड एमबीए प्रोग्राम के दूसरे बैच के लिए एडमिशन की घोषणा की. यह प्रोग्राम वर्किंग प्रोफेशनल्स और एंटरप्रेन्योर्स के लिए डेटा-ड्रिवन डिसीजन-मेकिंग और स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट स्किल्स को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है.
आईआईएम Ahmedabad के डायरेक्टर ने Wednesday को समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे जो कोर्स, जिसे हम लॉन्च कर रहे हैं या सेकंड बैच का लॉन्च कर रहे हैं, उसका मुख्य उद्देश्य है कि आज उद्योग क्षेत्र में और हमारी अर्थव्यवस्था में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है. वह बदलाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा आ रहा है. इस बदलाव को लाने के कारण सभी इंडस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ट्रांसफॉर्मेशन को अपने में अपनाना होगा.
आज हमारे देश में बहुत सारे अच्छे टेक्नोलॉजिस्ट हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टेक्नोलॉजी में काम कर सकते हैं. अच्छे जनरल मैनेजर हैं, जो मैनेजमेंट फील्ड में काम करते हैं, लेकिन इन दोनों के बीच में एक सेतु की आवश्यकता है, जो ऐसे मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स हो, जो मैनेजमेंट के प्रिंसिपल्स को भी समझे और साथ-साथ टेक्नोलॉजी को भी अंडरस्टैंड करे, जिससे वो उस क्षेत्र में जिस भी उद्योग में है, उस उद्योग में एक ऐसे ग्रुप की स्थापना कर सके, ऐसी लीड ले सके की उस इंडस्ट्री का ट्रांसफॉर्मेशन होकर, वो उद्योग क्षेत्र भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का फायदा उठाकर, विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभागिता रखे और कॉम्पिटिटिव एज को रखने में समर्थ हो.
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य ऐसे ही मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को प्रोड्यूस करना है. आपने देखा होगा कि ऐसा प्रोग्राम अभी तक किसी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट द्वारा देश में नहीं हो रहा था. हमने यह आवश्यकता समझी कि आज हमारी जरूरत है कि इस देश में ऐसे मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को ट्रेड किया जाए और उसी लिए आईआईएम-Ahmedabad ने पिछले वर्ष ही अपनी पुरानी पद्धति और परंपरा को कायम रखते हुए ऐसे प्रोग्राम लॉन्च किए. हम देश का मैनेजमेंट एजुकेशन के लीडिंग एज पर काम करते हैं. हम लोगों को नेतृत्व प्रदान करते हैं. इस पहल के तहत, हमने पिछले साल यह प्रोग्राम शुरू किया था और दूसरे बैच के लिए हम इसे बेहतर और परिष्कृत रूप में पेश कर रहे हैं.
डायरेक्टर और प्रोफेसर India ने कहा कि हमारी सोच है कि हमारे करिकुलम से सीखते हुए अन्य मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट भी ऐसे मैनेजर्स को प्रोड्यूस करें, क्योंकि जरूरत बहुत बड़ी है. देश में जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की टेक्नोलॉजी अगले 5 वर्ष में हमारे देश में ट्रांसफॉर्मेशन लाएगी, हमें हजारों ऐसे प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होगी. हम अकेले इतने प्रोफेशनल नहीं पैदा कर सकते, इसलिए हम अपना करिकुलम, हम अपनी एक्सपर्टीज शेयर करने को तैयार हैं. अगर दूसरे मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट अपनी फैकल्टी को इस प्रोग्राम के थ्रू ट्रेड करना चाहते हैं, तो वे भी यहां एडमिशन ले सकते हैं, जिससे वे उन इंस्टीट्यूट के द्वारा फोर्स मल्टीप्लायर का काम करें.
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डीके/डीकेपी