वंदे मातरम विवाद पर प्रह्लाद जोशी का कर्नाटक सरकार पर हमला, संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी

Bengaluru, 21 सितंबर . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Monday को कर्नाटक की कांग्रेस Government को चेतावनी देते हुए कहा कि वंदे मातरम के गायन को केवल दो अंतरों तक सीमित करने के फैसले का मुद्दा भाजपा संसद में उठाएगी.

दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस Government “राष्ट्रविरोधी” सोच के साथ काम कर रही है और मनमाने व कथित तौर पर गैरकानूनी आदेश जारी कर “तुगलकी शासन” चला रही है.

उन्होंने कहा कि विधान सौधा में वंदे मातरम का आधिकारिक गायन केवल दो अंतरों तक सीमित करना राष्ट्रीय गौरव का अपमान है और भाजपा इसके खिलाफ संसद में आवाज उठाएगी.

जोशी ने कहा, “कांग्रेस ने देशभक्ति का अपना नकाब पूरी तरह उतार दिया है. वंदे मातरम को सिर्फ दो अंतरों तक सीमित करना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है.”

Union Minister ने Chief Minister डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली Government की भी आलोचना करते हुए कहा कि कर्नाटक की जनता को ऐसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी. उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस को राष्ट्रगीत से “इतनी आपत्ति” क्यों है.

जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य Government राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा से जुड़े हालिया संसदीय कानून का भी अनादर कर रही है और कांग्रेस नेतृत्व को खुश करने के लिए देश के सम्मान से समझौता कर रही है.

इस बीच, Monday को कर्नाटक विधानसभा में भाजपा और जेडी(एस) के विधायकों ने राज्य Government के निर्देश की अवहेलना करते हुए वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया.

स्पीकर जी.एस. पाटिल के आसन ग्रहण करने के बाद वंदे मातरम का गायन शुरू हुआ. पहले दो अंतरों के बाद आधिकारिक प्रस्तुति रोक दी गई, लेकिन भाजपा और जेडी(एस) के सदस्य बाकी अंतरे भी गाते रहे.

विधायक संविधान की प्रस्तावना पढ़े जाने के दौरान भी वंदे मातरम का पूरा गायन जारी रखते रहे और अंत में “जय हिंद” के नारे लगाए.

यह विवाद विधानसभा के मौजूदा सत्र में वंदे मातरम के आधिकारिक गायन को दो अंतरों तक सीमित करने के राज्य Government के फैसले के बाद शुरू हुआ है, जिसका भाजपा लगातार विरोध कर रही है.

डीएससी

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