‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन के दौरान एनसी नेताओं के खड़े होने पर भाजपा ने की सराहना, कांग्रेस पर कसा तंज

जम्मू, 9 सितंबर . जम्मू-कश्मीर में आयोजित पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में Chief Minister उमर अब्दुल्ला और पूर्व Chief Minister फारूक अब्दुल्ला पूरे ‘वंदे मातरम’ गायन के दौरान खड़े रहे. इसको लेकर भाजपा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की तारीफ की और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है.

इस पूरे मामले पर BJP MP जुगल किशोर शर्मा ने से कहा कि कांग्रेस ने कभी भी देश के प्रति समर्पण भावना से काम नहीं किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस को देश से कोई लेना देना नहीं है. लोग सोचते हैं कि ऐसा कुछ करें कि सबको प्रेरणा मिले कि सबसे पहले देश और देश के बाद पार्टी और परिवार, लेकिन कांग्रेस का सिद्धांत अलग है. उसने पहले अपनी पार्टी और परिवार की चिंता की है, देश की कभी उन्होंने चिंता नहीं की है. उन्होंने तो देश तोड़ने का काम किया है, वो कहां देश जोड़ने का काम करेंगे, इसलिए हमें कांग्रेस से अपेक्षा भी नहीं है.”

जुगल किशोर शर्मा ने आगे कहा, “वंदे मातरम को पूरा देश गा रहा है और उसका मान सम्मान भी कर रहा है. कांग्रेस को अगर थोड़ी भी शर्म हो तो उसे वंदे मातरम गीत का सम्मान करना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “कश्मीर ने आतंकवाद देखा, सब कुछ देखा, आज वहां पर वंदे मातरम गाया जा रहा है. पूरा कश्मीर उस वंदे मातरम के लिए खड़ा है. संविधान के दायरे में आकर हम सब संविधान के साथ बंधे हुए हैं और यह राष्ट्रीय गीत है, तो उसे गाने में, उसके सम्मान में खड़ा होना यह हम सबके लिए गर्व की बात है.”

वहीं, भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने भी नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस कदम की सराहना की. उन्होंने कहा, “कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक India एक है. जब हम India की बात करते हैं तो फिर कश्मीर को अलग से गिन के नहीं देखा जा सकता है. कश्मीर में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का एक ऐतिहासिक कार्यक्रम चल रहा है और उसमें मुझे लगता है कि एक सराहनीय कदम के रूप में इसको लेना चाहिए. Chief Minister और पूर्व Chief Minister डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला वंदे मातरम के गायन के दौरान उन्होंने उच्चारण भी किया और उसका सम्मान भी किया, ये सराहनीय कदम है.”

विक्रम रंधावा ने कहा कि लोग आज भी पूछते हैं कि Narendra Modi ने क्या दिया, तो ये ऐसे बहुत से कारण हैं जो बताते हैं कि आज बदलाव आया है. उन्होंने कहा, “हम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं तो आज हर व्यक्ति को महसूस हो रहा है कि यह हमारा राष्ट्रीय गीत है. इस राष्ट्रीय गीत को हमें स्मरण करना बहुत अनिवार्य है. कांग्रेस देशविरोधी मानसिकता की मालिक है. उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती है.”

उन्होंने कहा, “अलबत्ता मुट्ठी भर कांग्रेसियों को छोड़ दीजिए, जो कांग्रेसी हैं लेकिन भारतीय होने के नाते उनको भी शायद शर्मसार होना पड़ता है जब इस तरीके के बयान इनकी लीडरशिप या इनके लोगों के आते हैं. उनको भी इस बात का एहसास है कि वंदे मातरम का हमारे जीवन में, एक भारतीय के जीवन में कितना महत्व है. ये किसी समुदाय विशेष का गीत नहीं है, ये राष्ट्र गीत है और इसका उच्चारण जो है वो समय दर समय पर होना चाहिए. पाठ्यक्रम का हिस्सा बनना चाहिए. बाल्यकाल से, नर्सरी से लेकर बच्चा राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों का उच्चारण करना सीखना चाहिए.”

पीआईएम/पीएम

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