
नई दिल्ली, 7 सितंबर . यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने रूस में होने वाले चुनाव पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा कि पुतिन की Government ने रूस में लोकतंत्र जैसी दिखाई देने वाली लगभग हर व्यवस्था को खत्म कर दिया है.
सिबीहा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”18 से 20 सितंबर के बीच रूस में होने वाली इस प्रक्रिया को ‘विधानसभा चुनाव’ नहीं कहा जा सकता.”
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, ”व्लादिमीर पुतिन पिछले 26 वर्षों से रूस पर शासन कर रहे हैं, जो जोसेफ स्टालिन के शासन काल से भी लंबा समय है. इस दौरान उनकी Government ने लोकतंत्र जैसी दिखाई देने वाली लगभग हर व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म कर दिया है.”
एंड्री सिबीहा ने बताया कि रूस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कड़े प्रतिबंध हैं, विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया है या उनकी हत्या कर दी गई है. यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की हल्की आलोचना करने वाली एकमात्र Political पार्टी को भी चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है. चुनाव में मौजूद बाकी विकल्प मतदाताओं को कोई वास्तविक विकल्प नहीं देते और स्वतंत्र ओएससीई पर्यवेक्षकों को भी पूरी तरह बाहर रखा गया है.
उन्होंने कहा कि इसके अलावा ये तथाकथित ‘चुनाव’ दूसरे संप्रभु देशों के उन क्षेत्रों में भी कराए जाने वाले हैं, जिन पर रूस ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. इनमें यूक्रेन का क्रीमिया और देश के पूर्वी तथा दक्षिणी हिस्सों के कब्जे वाले क्षेत्र शामिल हैं. बयान के अनुसार, यह मतदान अवैध होगा और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन माना जाएगा, जिससे पूरी चुनावी प्रक्रिया की वैधता पर और सवाल उठेंगे.
यूक्रेनी मंत्री ने कहा, “मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मीडिया संस्थानों से अपील करता हूं कि वे स्थिति को उसी रूप में देखें, जैसी वह वास्तव में है. यह कोई चुनाव नहीं है. यह एक दिखावटी प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल पुतिन Government देश के भीतर वैधता हासिल करने अपने सैन्य अभियान को जारी रखने और अधिक लोगों को युद्ध में भेजने के लिए कर रही है.”
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एवाई/एबीएम