राहुल गांधी ने राजनीतिक फायदे के लिए खेला दलित कार्ड, देश से माफी मांगें: कृष्णा हेगड़े

Mumbai , 31 अगस्त . शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने हल्द्वानी विवाद को लेकर राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा और उनसे पूरे देश से माफी मांगने के लिए कहा. इसके साथ ही उन्होंने Prime Minister Narendra Modi को उज्बेकिस्तान में मिले सर्वोच्च सम्मान को लेकर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर पलटवार किया.

कृष्णा हेगड़े ने कहा, “हल्द्वानी में राहुल गांधी ने दलित कार्ड खेलकर वहां चल रहे सफाई अभियान को गलत साबित करने की कोशिश की. उन्होंने यह कहकर दलितों का फायदा उठाने की कोशिश की है कि उनका अपमान हो रहा है और उनके साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने गलत आरोप लगाया कि वहां शुद्धिकरण हो रहा है.”

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दलितों और रामलीला के आयोजकों का अपमान किया गया. इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी होगी. उन्होंने अब कहा कि वहां के जो दलित युवक हैं, उनके ऊपर First Information Report दर्ज करकनी चाहिए, इसका हम खंडन करते हैं.

कृष्णा हेगड़े ने कहा कि उन्होंने रामलीला इवेंट के आयोजकों का अपमान किया, क्योंकि राहुल गांधी ने एक बार फिर Political फायदे के लिए दलितों का इस्तेमाल किया, इसलिए हल्द्वानी में दलित युवाओं ने उनके खिलाफ First Information Report दर्ज कराई.

उत्तराखंड में मदरसों पर ताले लगाए जाने को लेकर शिवसेना प्रवक्ता ने कहा, “उत्तराखंड Government ने सभी मदरसों को Government से मान्यता लेने का आदेश जारी किया है. 250 से ज्यादा मदरसों को मान्यता मिल चुकी है, लेकिन 200 मदरसों ने अभी तक उत्तराखंड Government या मदरसा बोर्ड से मान्यता नहीं ली है. इस वजह से वहां ऐसा माहौल बन गया है कि उन मदरसों पर ताले लग जाएंगे.”

कृष्णा हेगड़े ने कहा कि Government ने आश्वासन दिया है कि जो बच्चे हैं, उन्हें दूसरे स्कूलों में भेजा जाएगा. उनके भविष्य को और शिक्षा को कोई ठेस नहीं पहुंचेगी. इसका ध्यान Government रखेगी. Government ने मदरसों को समय दिया है कि वो फिर से अपना रजिस्ट्रेशन करें. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो हो सकता है कि कार्रवाई हो.

उज्बेकिस्तान में Prime Minister Narendra Modi को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया. इसे लेकर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से दी गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी हर बात में राजनीति लाने की कोशिश करते हैं. Prime Minister मोदी को 40 देशों में सर्वोच्च सम्मान दिया गया. उज्बेकिस्तान और एक देश हैं, जिन्होंने पीएम मोदी को सबसे बड़ा सम्मान दिया. ऐसा लगता है कि ओवैसी पिछले दशक में फंसे हुए हैं. उन्हें कोई इतिहास बताए तो बाबर का जन्म 1483 में हुआ था. उसके बाद उज्बेकिस्तान और ताशकंद ये दोनों यूएसएसआर के बड़े अंग थे. India ने अब से नहीं, कई दशकों से यूएसएसआर के साथ व्यवसाय किया है. यूएसएसआर India का सबसे बड़ा दोस्त था.”

इससे पहले उन्होंने मोहन भागवत की तरफ से दिए गए बयान पर कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर में लगभग 5,000 लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एक हिंदू स्वाभाविक रूप से धर्मनिरपेक्ष होता है और उसकी सोच बड़ी होती है. एक हिंदू कभी नहीं सोचता कि India में कोई मुसलमान नहीं रहेगा, बल्कि एक हिंदू इंसानियत में विश्वास करता है और इंसानियत ही सबसे बड़ा उसूल है.

कृष्णा हेगड़े ने कहा कि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका में रहने वाले लोगों को India के भले के लिए काम करना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए. मोहन भागवत ने एक दमदार संदेश दिया. हमने यह भी देखा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान India में सभी धर्मों के लोग एक साथ खड़े थे.

केके/वीसी

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