राहुल गांधी के दिल्ली मार्च में गुंडागर्दी और अहंकार का खुला प्रदर्शन: विजयेंद्र

Bengaluru, 13 अक्टूबर . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने Tuesday को दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व में निकाले गए विरोध मार्च को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने इस दौरान अहंकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अनादर का प्रदर्शन किया. विजयेंद्र ने कहा कि इस घटनाक्रम ने संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति कांग्रेस के सम्मान पर सवाल खड़े किए हैं.

विजयेंद्र ने एक बयान में विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के व्यवहार की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार का कुर्ता पकड़कर उन्हें पीछे भीड़ में धकेल दिया. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को कोहनी मारने और एक महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की किए जाने की खबरों का भी जिक्र किया.

भाजपा नेता ने इस घटनाक्रम को “गुंडागर्दी, अहंकार और चाटुकारिता का खुला प्रदर्शन” करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सामने आए दृश्यों से राहुल गांधी की असहिष्णुता और विशेषाधिकार की भावना जाहिर होती है.

विजयेंद्र ने कहा कि राहुल गांधी के व्यवहार में पार्टी नेताओं की गरिमा, निर्वाचित Chief Minister के पद और पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति कोई खास सम्मान दिखाई नहीं दिया.

उन्होंने कहा, “यह वही सत्तावादी मानसिकता है, जिसे India ने पांच दशक पहले आपातकाल के दौरान देखा था. उस समय उनकी दादी की Government ने लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं को कुचल दिया था और संस्थाओं को अपने अधीन करने की कोशिश की थी.” विजयेंद्र ने पूर्व Prime Minister इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के व्यवहार की तुलना उस दौर से की.

भाजपा नेता ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कांग्रेस के रवैये पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी Political निराशा को न्यायपालिका पर दबाव बनाने के प्रयास में बदलने की कोशिश कर रही है.

विजयेंद्र ने Supreme Court के मुख्य न्यायाधीश की ओर से कथित तौर पर मुलाकात से इनकार किए जाने के बावजूद कांग्रेस नेताओं के Supreme Court तक मार्च निकालने की भी आलोचना की. उन्होंने इस कवायद के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इस मामले से संबंधित सौंपे गए याचिका-पत्र को कथित तौर पर 14 खामियों के साथ वापस कर दिया गया था.

उन्होंने कहा, “Supreme Court Political नाटकबाजी का मंच नहीं है और संविधान को किसी एक विशेषाधिकार प्राप्त Political परिवार की चुनावी निराशा के सामने बंधक नहीं बनाया जा सकता.” विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व संवैधानिक संस्थाओं को पार्टी के विस्तार के रूप में देख रहा है. उन्होंने कहा कि कोई भी Political नेता या परिवार संविधान और कानून से ऊपर नहीं है.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि India का लोकतंत्र किसी एक Political परिवार की महत्वाकांक्षाओं से कहीं बड़ा है. उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सत्तावादी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं और उनकी गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए.

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डीएससी

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