राम मोहन नायडू ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से हब-एंड-स्पोक इंटरनेशनल ऑपरेशन शुरू किया

Ahmedabad, 1 सितंबर . केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने Tuesday को Ahmedabad के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एसवीपीआईए) से ‘हब-एंड-स्पोक’ इंटरनेशनल एविएशन ऑपरेशन की शुरुआत की. इस सिस्टम के शुरू होने से Gujarat के इस शहर से जाने वाले इंटरनेशनल यात्री दिल्ली के रास्ते विदेशी जगहों के लिए उड़ान भरने से पहले ही इमिग्रेशन और कस्टम्स की औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे.

Tuesday को शुरू की गई इस पहल के तहत, नए ऑपरेशनल फ्रेमवर्क में Ahmedabad को पहला ‘स्पोक एयरपोर्ट’ बनाया गया है, जबकि दिल्ली को तय इंटरनेशनल ‘हब’ के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा.

इस सिस्टम का मकसद नॉन-मेट्रो और रीजनल एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इंटरनेशनल यात्रा को आसान बनाना है. इसके लिए इमिग्रेशन और कस्टम्स क्लीयरेंस की प्रक्रिया यात्रा शुरू होने वाली जगह (पॉइंट ऑफ ओरिजिन) पर ही पूरी कर ली जाएगी.

Ahmedabad एयरपोर्ट पर हुए इस लॉन्च प्रोग्राम में Chief Minister भूपेंद्र पटेल, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल और उपChief Minister हर्ष संघवी शामिल हुए.

मुख्य सचिव मनोज कुमार दास, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग लिमिटेड के डायरेक्टर जीत अडानी और इसके सीईओ अरुण बंसल भी इस मौके पर मौजूद थे.

‘हब-एंड-स्पोक’ व्यवस्था के तहत, Ahmedabad से इंटरनेशनल यात्रा करने वाले यात्री ‘स्पोक एयरपोर्ट’ पर ही चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे.

उनका सामान सीधे उनकी आखिरी इंटरनेशनल डेस्टिनेशन तक भेजा जाएगा, और यात्रियों को दिल्ली में दोबारा इमिग्रेशन और कस्टम्स क्लीयरेंस से नहीं गुजरना पड़ेगा.

‘स्पोक एयरपोर्ट’ से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स में घरेलू और इंटरनेशनल, दोनों तरह के यात्री होंगे.

घरेलू यात्रियों के बोर्डिंग पास पर ‘डी’ मार्क होगा, जबकि इंटरनेशनल यात्रियों को Ahmedabad-दिल्ली सेक्टर और उनकी आगे की इंटरनेशनल फ्लाइट, दोनों के लिए ‘I’ मार्क वाला बोर्डिंग पास मिलेगा.

अधिकारियों ने बताया कि इस मॉडल का मकसद टियर-2 और टियर-3 शहरों से इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, ट्रांजिट टाइम कम करना और भारतीय एविएशन नेटवर्क के भीतर ज्यादा इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक को बनाए रखना है.

इससे बड़े एयरपोर्ट्स पर मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल होने और इंटरनेशनल हब के तौर पर दिल्ली की भूमिका मजबूत होने की भी उम्मीद है.

यह पहल केंद्र Government की बड़ी इंटरनेशनल एविएशन हब स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. इस स्ट्रैटेजी का मकसद 2030 तक India को भारतीय यात्रियों के लिए पसंदीदा एविएशन हब और 2047 तक एक प्रमुख ग्लोबल एविएशन हब के तौर पर स्थापित करना है.

मंत्रालय ने उस इंटरनेशनल ट्रांसफर ट्रैफिक को अपने नेटवर्क में लाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है जो अभी विदेशी हब से होकर गुजरता है.

राम मोहन नायडू ने पहले कहा था कि India से यात्रा करने वाले लगभग 35 प्रतिशत इंटरनेशनल यात्री Dubai , लंदन और सिंगापुर जैसे विदेशी हब से होकर गुज़रते हैं.

उन्होंने ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल को यात्रियों को उनके अपने शहरों से इंटरनेशनल यात्रा शुरू करने और भारतीय हब के जरिए कनेक्ट होने की सुविधा देने की दिशा में एक बदलाव बताया है.

Ahmedabad में किया गया यह लॉन्च एक प्रस्तावित बड़े नेटवर्क का पहला कदम है. मंत्रालय की योजना है कि ऑपरेशनल तैयारी और स्टेकहोल्डर्स की तैयारी के आधार पर और भी इंटरनेशनल और कस्टम्स एयरपोर्ट्स को इस फ्रेमवर्क के तहत लाया जाए.

एससीएच

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