
अयोध्या, 23 सितंबर . अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में Wednesday को अदालत में करीब सात हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी गई. इस मामले की जांच के दौरान करीब 173 लोगों के बयान दर्ज किए गए और cctv फुटेज में कथित चोरी की 105 घटनाओं की पहचान की गई.
मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है. उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा गवाह के तौर पर सामने आए हैं. जानकारी के मुताबिक, मामले में चंपत राय के अलावा गोपाल राव, कृष्ण मोहन और अनिल मिश्रा को भी गवाह बनाया गया है और अब वे इस मामले में अपनी गवाही देंगे.
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत परिसर में विवाद भी देखने को मिला. स्थानीय वकीलों ने चार्जशीट को लेकर विरोध जताया और मांग की कि अदालत के संज्ञान लेने से पहले उनकी आपत्तियों को सुना जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, वकील चंपत राय समेत ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों को आरोपी नहीं बनाए जाने को लेकर भी नाराज थे. बाद में जिला जज से बातचीत के बाद वकीलों ने काम फिर शुरू कर दिया. वकीलों की मांग थी कि वे सभी चार्जशीट देखना चाहते हैं और उन्हें दिखाया जाए.
जानकारी एक अनुसार, जांच में cctv फुटेज का विस्तार से विश्लेषण किया गया. इसके आधार पर काउंटिंग रूम से कथित तौर पर नकदी निकालने या छिपाने की 105 घटनाओं की पहचान की गई. जांच में cctv फुटेज के अलावा फॉरेंसिक ऑडिट, वित्तीय रिकॉर्ड, बरामदगी और गवाहों के बयानों को भी आधार बनाया गया है.
चार्जशीट में 79.85 लाख रुपए नकद, कार और आभूषणों की बरामदगी का भी जिक्र है. जांच के दौरान 173 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं.
इससे पहले उत्तर प्रदेश Government ने Supreme Court को बताया था कि एसआईटी की जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर से पहले चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. यह समयसीमा महत्वपूर्ण थी, क्योंकि 25 सितंबर को जांच के लिए निर्धारित 90 दिनों की अवधि पूरी हो रही थी.
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एएमटी/डीकेपी