राजस्थान के सैकून खान की निर्मम हत्या दुखद, मामले की गहन जांच होनी चाहिए: मीरवाइज उमर फारूक

New Delhi, 26 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने Rajasthan के अलवर में की गई मुस्लिम युवक की निर्मम हत्या पर दुख जताया है. उन्होंने इस घटना को संप्रदाय विशेष के प्रति नफरत से जोड़ते हुए मामले में गहन जांच की मांग की है.

मीरवाइज उमर फारूक ने social media प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा कि Rajasthan के एक Police स्टेशन के बाहर सैकून खान की निर्मम हत्या दिल दहला देने वाली है. उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उनकी दाढ़ी और टोपी से उनकी पहचान एक मुस्लिम के रूप में हुई. इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि हर दूसरे दिन हम विभिन्न राज्यों में भाजपा नेताओं और मंत्रियों को अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ और सांप्रदायिक टिप्पणियां करते सुनते हैं. सत्ता में बैठे लोगों की ऐसी बयानबाजी पूर्वाग्रह को सामान्य बना रही है और नफरत को बढ़ावा दे रही है. नफरत भरी बातें आम Political चर्चा का हिस्सा बन गई हैं. जब सार्वजनिक मंचों से बार-बार नफरत को वैधता दी जाती है, तो हमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब इसके परिणाम सड़कों पर दिखाई देते हैं. इस खतरनाक सामान्यीकरण का अंत होना चाहिए.

दरअसल, 24 सितंबर की सुबह Rajasthan के अलवर जिले के बरवास गांव के निवासी 40 वर्षीय सैकून खान ने अपने बेटे से कहा कि वह अपनी मोटरसाइकिल के लिए नया टायर खरीदने बाजार जा रहे हैं और जल्द ही खेत में बोई गई प्याज की फसल की देखभाल करने लौट आएंगे.

कुछ घंटों बाद, दो बेटियों और एक बेटे के पिता सैकून की बड़ौदामेव Police स्टेशन के ठीक बाहर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि यह हत्या एक ऐसे व्यक्ति ने की जिसे बाद में Police ने गिरफ्तार कर लिया.

सैकून खान के छोटे भाई इरशाद खान ने कांपती आवाज में कहा, “हमें नहीं पता कि मेरे भाई की हत्या क्यों की गई. उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. उनका एकमात्र गुनाह यह था कि उन्होंने दाढ़ी रखी थी और टोपी पहनी थी. हमें शक है कि उनकी हत्या इसलिए की गई क्योंकि उनके पहनावे से साफ था कि वह मुसलमान थे. Police स्टेशन के बाहर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और फिर भी एक भी Policeकर्मी उन्हें बचाने नहीं आया.”

परिवार के सदस्यों का कहना है कि साइकुन अपने गांव से लगभग दस किलोमीटर दूर बड़ौदामेव के बाजार में एक अन्य ग्रामीण के साथ उसकी मोटरसाइकिल पर अपनी दोपहिया गाड़ी के लिए टायर खरीदने गया था.

सैकून खान के पिता नसरू खान के अनुसार बताया, “दूसरे व्यक्ति को बड़ौदामेव में कुछ काम था, इसलिए मेरा बेटा उसे वहां छोड़कर घर का कुछ सामान खरीदने जा रहा था. जब वह बड़ौदामेव Police स्टेशन के गेट के ठीक सामने पहुंचा, तभी अचानक एक आदमी ने सैकून के सिर पर भारी पत्थर से वार कर दिया. मेरा बेटा गिर गया और उसके पैर मोटरसाइकिल के नीचे दब गए. इसके बाद उस आदमी ने एक नुकीला पत्थर उठाया और साइकुन पर लगातार वार करता रहा, जिससे उसका सिर कुचल गया.”

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एमएस/

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