
New Delhi, 8 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर Samajwadi Party ने पूरी ताकत झोंक दी है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव Thursday को अयोध्या पहुंचे. यहां उन्होंने आयोजित भागवत कथा में हिस्सा लिया. दूसरी ओर, Wednesday को इंडिया ब्लॉक की ओर से आयोजित लंच में सपा प्रमुख के न जाने से सियासी हलचल तेज हो गई. सपा नेता राजकुमार भाटी ने कहा कि सब कुछ ठीक है. लंच में न जाना इतना महत्वपूर्ण नहीं है. हमारे अध्यक्ष यूपी चुनाव में व्यस्त हैं और अगर यहां हम भाजपा को नहीं हरा पाए तो विपक्ष के लिए हताशा होगी.
से बातचीत में सपा नेता राजकुमार भाटी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. इंडिया ब्लॉक की जो मांग है, उसे हमारी पार्टी का समर्थन है. पूरा देश आज सड़कों पर है. हर जिले में विरोध के स्वर उठ रहे हैं. इस बीच सपा प्रमुख इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित लंच में नहीं पहुंच पाए तो यह महत्वपूर्ण नहीं है. हमारे अध्यक्ष यूपी चुनाव में व्यस्त हैं. यूपी में भाजपा को हराएंगे, पूरा ध्यान इसी ओर केंद्रित है.
Samajwadi Party के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है. लोकतंत्र में विरोध करने के मौलिक अधिकार पर भी रोक लगाई जा रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश में Samajwadi Party ने हर जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन का प्रस्ताव रखा था. मुझे बहुत दुख है कि इन प्रदर्शनों को नाकाम करने के लिए हरसंभव हथकंडा अपनाया गया. ज्ञानेश कुमार पर जो आरोप है, वह कांग्रेस या फिर Samajwadi Party ने नहीं लगाए हैं. चुनाव आयोग में उनके सहयोगियों ने ही लगाए हैं. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ First Information Report दर्ज होनी चाहिए और जेल भेजना चाहिए.
यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की हत्या भारतीय जनता पार्टी की Government कर रही है. जिस तरह से पिछले दो दिनों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और हमारे इंडिया ब्लॉक के कई सांसदों के साथ Police ने बर्बरता की है, उसके विरोध में कांग्रेस काला दिवस मना रही है. पूरे प्रदेश में, हर जिला मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय पर यह संघर्ष जारी है. यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता. 13.5 करोड़ लोगों के वोट कट गए, यह कोई साधारण बात नहीं है. लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मत है. अगर मत की चोरी हुई है तो इसके खिलाफ आवाज उठाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है.
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डीकेएम/वीसी