‘योग एक पीढ़ी के लिए नहीं है, यह हर पीढ़ी के लिए है’: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

New Delhi, 18 सितंबर . उपPresident सीपी राधाकृष्णन ने Friday को Maharashtra के लोनावाला के कैवल्यधाम में गोर्धनदास सेकसरिया कॉलेज ऑफ योगा एंड कल्चरल सिंथेसिस के प्लेटिनम जुबली समारोह को संबोधित किया.

उन्होंने योग शिक्षा, शोध और सांस्कृतिक सम्मिश्रण के लिए समर्पित सेवा के 75 साल पूरे करने पर कॉलेज को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कैवल्यधाम ने योग के लिए समर्पित सेवा की एक सदी पूरी कर ली है.

1924 में कैवल्यधाम की स्थापना करने वाले स्वामी कुवलयानंद के योगदान को याद करते हुए उपPresident ने कहा कि उन्होंने ऐसे समय में योग के वैज्ञानिक अध्ययन का बीड़ा उठाया जब इसे बड़े पैमाने पर एक रहस्यमय अभ्यास के रूप में देखा जाता था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अतीत की विरासत को संरक्षित किया जाना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि योग एक पीढ़ी के लिए नहीं है, यह आने वाली हर पीढ़ी के लिए है.

सीपी राधाकृष्णन ने योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकृति पर प्रकाश डालते हुए और इसके संदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने के लिए Prime Minister Narendra Modi के निरंतर प्रयासों को याद किया. उन्होंने कहा कि योग आज सभी राष्ट्रों, संस्कृतियों और समुदायों में किया जाता है.

तकनीकी प्रगति और डिजिटल कनेक्टिविटी से जीवन के तीव्र बदलाव के बारे में उपPresident ने कहा कि योग रुकने, ध्यान केंद्रित करने, प्रतिबिंबित करने और स्वयं के साथ फिर से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि योग मन और शरीर के बीच की खाई को पाटने में मदद करता है और शारीरिक एवं मानसिक कल्याण को बढ़ावा देता है.

युवा छात्रों को संबोधित करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि India के युवाओं में अपार ऊर्जा, प्रतिभा और महत्वाकांक्षा है, जो अनुशासन और जागरूकता के साथ संयुक्त होने पर अपनी पूरी क्षमता प्राप्त करते हैं. पतंजलि की चित्तवृत्ति रोकने की अवधारणा के बारे में चर्चा करते हुए, उन्होंने कहा कि मन को शांत करने और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता निरंतर सूचनाओं और सूचना अधिभार के युग में विशेष रूप से प्रासंगिक है.

उपPresident ने कहा कि अच्छे इरादे से और समाज की भलाई के लिए सच्ची प्रतिबद्धता के साथ किया गया कोई भी प्रयास एक स्थायी विरासत छोड़ सकता है. अच्छी विरासत कभी नहीं मरती; वे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित और लाभान्वित करती रहती हैं. कैवल्यधाम की सदी लंबी यात्रा इस स्थायी सत्य का एक जीवंत प्रमाण है.

उपPresident ने कॉलेज के ट्रस्टियों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, छात्रों और पूर्व-छात्रों को बधाई दी और स्वामी कुवलयानंद के दृष्टिकोण तथा सेठ माखनलाल सेकसरिया के योगदान के प्रति सम्‍मान व्‍यक्‍त किया.

इस अवसर पर, उपPresident ने ओपी तिवारी द्वारा लिखित ‘योग एक्सप्लेन – लर्न फ्रॉम द मास्टर’ का विमोचन भी किया. उन्होंने परिसर का दौरा किया और छात्रों के साथ बातचीत की और उन्हें योग के अभ्यास के माध्यम से अनुशासन, एकाग्रता और आत्म-जागरूकता के मूल्यों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया.

इस अवसर पर Maharashtra के Governor जिष्णु देव वर्मा, पूर्व Union Minister और कैवल्यधाम ग्लोबल के अध्यक्ष सुरेश प्रभु, कैवल्यधाम ग्लोबल के सीईओ सुबोध तिवारी, मुख्य संरक्षक राकेश सेकसरिया, संकाय सदस्य, छात्र, पूर्व-छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

एमएस/

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