युवाओं के साथ बातचीत सिर्फ राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं होनी चाहिए: देवेंद्र नाथ महतो

रांची, 23 अगस्त . Jharkhand के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने Sunday को Political दलों को संदेश देते हुए कहा कि युवाओं के साथ संवाद सिर्फ Political चर्चा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. Jharkhand में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बाद महतो ने कहा कि राज्य की भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर नया आंदोलन ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ Monday से शुरू होगा.

हालांकि, पिछला आंदोलन तब वापस ले लिया गया था, जब Jharkhand मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली राज्य Government ने 11वीं और 13वीं Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षाओं और उनके माध्यम से की गई नियुक्तियों को रद्द कर दिया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने राज्य Government के फैसले पर रोक लगा दी.

देवेंद्र नाथ महतो ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा, “विरोध प्रदर्शन राज्य के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव से शुरू होगा, जो पूर्व Chief Minister दिवंगत शिबू सोरेन का पैतृक गांव भी है. हमारा एकमात्र लक्ष्य न्याय है, हमें कुछ ठोस कदम चाहिए. हम अब आश्वासनों और संवाद पर रुकने वाले नहीं हैं.”

जब भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने जेन-जी आउटरीच कार्यक्रम के लिए समिति गठित करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “भाजपा की पहल स्वागतयोग्य है, संवाद होना चाहिए, लेकिन आज का युवा केवल संवाद और सवाल नहीं चाहता, वह ठोस समाधान चाहता है. वह संवाद के माध्यम से जवाब चाहता है कि उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो.”

उन्होंने कहा कि देश भर के युवाओं को पेपर लीक और बेरोजगारी की समस्याओं का समाधान चाहिए. छात्र नेता ने कहा, “संवाद का स्वागत है, लेकिन यह केवल Political चर्चा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. यह किसी निर्णय तक पहुंचना चाहिए और केवल एक नारा बनकर नहीं रह जाना चाहिए. अगर संवाद के जरिए इस गुस्से को दबाने की कोशिश की गई तो युवा सहमत नहीं होंगे.”

दिल्ली और Jharkhand में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए छात्र नेता ने कहा, “आज का युवा किसी भी Political दल के साथ नहीं है, न किसी के पक्ष में है और न ही किसी के खिलाफ. आज का युवा केवल अपने भविष्य और इस सड़ी-गली व्यवस्था को सुधारने के लिए संघर्ष कर रहा है, इसीलिए आंदोलन भाजपा शासित राज्य के साथ-साथ गैर-भाजपा शासित राज्य में भी हुआ.”

उन्होंने जोर देकर कहा, “इसलिए कोई यह नहीं कह सकता कि आज के युवा सत्तारूढ़ दल या विपक्ष के दबाव में या किसी के निर्देश पर अपना आंदोलन कर रहे हैं.”

14 नामजद छात्रों और अन्य के खिलाफ दर्ज First Information Report पर प्रतिक्रिया देते हुए महतो ने इसे राज्य Government का ‘तानाशाही रवैया’ करार दिया. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदर्शनकारियों ने घर से निकलने से पहले ही इस बात को स्वीकार कर लिया था कि इस व्यवस्था से लड़ना आसान नहीं होगा.

उन्होंने कहा, “इस भ्रष्ट व्यवस्था को जड़ से उखाड़ना आसान नहीं होने वाला है. इस रास्ते में कई कठिनाइयां आएंगी. First Information Report , जेल, Police कार्रवाई या हमारे शरीर पर लाठियों के वार, आरोप-प्रत्यारोप, ये संघर्ष के मार्ग का हिस्सा हैं.”

स्वतंत्रता सेनानियों, जिनमें बिरसा मुंडा, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर शामिल हैं, के संघर्षों की ओर इशारा करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “Government और प्रशासन को अपना काम करने दीजिए और कानून-व्यवस्था के अनुसार कार्य करने दीजिए. हमें न्यायपालिका और संविधान पर भरोसा है.”

केके/डीकेपी

Leave a Comment