
हैदराबाद, 3 अक्टूबर . हैदराबाद के मौलाना मुश्ताक मलिक ने Madhya Pradesh के उज्जैन में मस्जिद गिराए जाने की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ये मसला ध्यान भटकाने की कोशिश है, लेकिन मुसलमान घबराएगा नहीं. मुसलमान इस देश का नागरिक है और वह संविधान में विश्वास रखता है.
मौलाना मुश्ताक मलिक ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, “Madhya Pradesh के उज्जैन में मस्जिद का जो मसला है, उसमें मुसलमानों ने तीन फीट का हिस्सा खुद हटाने के लिए कहा था. इसके बावजूद प्रशासन रात में क्रेन लेकर आया और उसने मस्जिद को गिराना शुरू किया. वो मस्जिद सैकड़ों साल पुरानी है और उसका आर्किटेक्चर अलग है. मुसलमानों को यह चिंता थी कि क्रेन से उसे हटाएंगे तो आर्किटेक्चर को नुकसान होगा.”
उन्होंने कहा, “इससे आर्किटेक्चर की हम हिफाजत करते हैं. आपने क्रेन से मस्जिद को गिरा दिया, उसका मीनार छत पर गिरा.”
मौलाना ने कहा, “ये लोग (सत्ता) तलाशा करेंगे, क्योंकि उन्हें शासन करना नहीं आ रहा है. विपक्ष से लेकर युवा, वकील और डॉक्टर समेत तमाम लोग आज सड़कों पर उतरना चाहते हैं. ये (उज्जैन का मसला) ध्यान भटकाने की कोशिश है, लेकिन मुसलमान घबराएगा नहीं. मुसलमान इस देश का नागरिक है और वह संविधान में विश्वास रखता है. संविधान के आधार पर ही मुसलमानों ने इस देश में रहने का फैसला किया था.”
मौलाना मुश्ताक मलिक ने कहा कि अगर आप (सत्तापक्ष) संविधान को नहीं मानेंगे, तो आप मजहबी भेदभाव पैदा करेंगे. उन्होंने कहा कि मुसलमान इसका जवाब देगा और आपका इक्तेदार बाकी रहने वाला नहीं है.
बता दें कि सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन में छतरी चौक स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाया जा रहा है. पिछले दिनों इसको लेकर स्थानीय लोगों और Police के बीच तनातनी थी. हालांकि, प्रशासन की ओर से शांति स्थापित किए जाने के बाद मस्जिद के हिस्से को हटाने का कार्य किया गया.
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डीसीएच/