
अयोध्या, 1 अक्टूबर . अयोध्या में योग गुरु बाबा रामदेव के उस बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिसमें उन्होंने India में रहने वाले मुसलमानों को धर्मांतरित बताया था. अयोध्या के कई संतों ने बाबा रामदेव के बयान पर अपनी राय रखते हुए भारतीय मुसलमानों के पूर्वजों, सांस्कृतिक पहचान और धर्मांतरण के इतिहास का उल्लेख किया.
अनिरुद्ध देव जी महाराज ने कहा कि India में रहने वाले लोगों की जड़ें कहीं न कहीं सनातन परंपरा से जुड़ी होने की बात कही जाती रही है. India में रहने वाले कई मुस्लिम परिवारों के पूर्वजों ने अतीत में धर्म परिवर्तन किया था. यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी सांस्कृतिक पहचान की ओर लौटना चाहता है तो इसे सकारात्मक रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि वापसी के बाद किसी तरह का विरोधाभास नहीं होना चाहिए.
संत वरुण दास जी महाराज ने कहा कि सभी लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने मुस्लिम समाज के कई प्रमुख नामों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनकी कई पीढ़ियां पहले हिंदू थीं. उन्होंने लोगों से अपने पूर्वजों की परंपराओं को स्वीकार करने और राम-कृष्ण की उपासना करने की अपील की.
स्वामी श्री परमेश्वर दास जी महाराज ने बाबा रामदेव के बयान की पृष्ठभूमि में असदुद्दीन ओवैसी के बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कई बार सार्वजनिक बहस में तीखी टिप्पणियां सामने आती हैं और उनके जवाब में भी प्रतिक्रिया आती है. ओवैसी के पूर्वजों को लेकर उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज हिंदू थे और बाद में मुस्लिम परंपरा में आए. उन्होंने इसे ऐतिहासिक संदर्भ के तौर पर पेश किया.
इस पूरे मामले में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी बाबा रामदेव के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वह पहले भी यह बात कहते रहे हैं कि मुस्लिम समाज के एक बड़े हिस्से के पूर्वज हिंदू समाज से जुड़े रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज में 70-80 प्रतिशत लोग हिंदू समाज से गए हुए हैं.
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पीएसके