
New Delhi, 19 सितंबर . प्रफुल्ल हिंगे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की खोज रहे. सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हुए उन्होंने Rajasthan रॉयल्स के खिलाफ एक ही ओवर में 3 विकेट लेकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं और चर्चा का विषय बन गए थे.
हालांकि, अब पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ रेड-बॉल सीरीज के जरिए उनका India ए के लिए पहला असाइनमेंट शुरू होने वाला है. इस बारे में बात करते हुए दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा कि 22 सितंबर से शुरू होने वाले मैच के लिए वे बहुत ही आसान तरीका अपनाएंगे. वह वर्तमान में रहेंगे और अगली गेंद के अलावा किसी और चीज के बारे में नहीं सोचेंगे.
प्रफुल्ल हिंगे ने के साथ बात करते हुए कहा, “मैं दिमाग में ज्यादा नहीं सोचता कि आगे क्या होगा या क्या नहीं होगा. मैं बस वर्तमान पर ध्यान देता हूं – जैसे मैच में हाथ में गेंद लेकर मुझे क्या करना है. मैं बस एक बार में एक गेंद फेंकने पर ध्यान देता हूं. एक गेंदबाज के तौर पर कई चुनौतियां होती हैं और मुझे वे चुनौतियां पसंद हैं. जब गेंद आती है, तो मुझे बस अपनी गेंदबाजी करनी होती है. मैं अपना सर्वश्रेष्ठ करूंगा. बाकी, जो भी होगा, वह तो होगा ही.”
हिंगे को नागपुर में अपने घर से दूर रहने के दौरान India ए में चुने जाने के बारे में पता चला, और जब उन्होंने खुद इसकी पुष्टि की, तभी उन्हें यकीन हुआ. उन्होंने कहा, “मुझे मीडिया में काम करने वाले एक दोस्त का मैसेज मिला, जिसमें बताया गया कि मुझे India ए के लिए बुलावा आया है. उस समय मैं शहर से बाहर था और फिर उसी दोस्त का मैसेज आया, जिसमें लिखा था,India ए टीम में चुने जाने पर बधाई.”
“इसे सच में देखने के लिए मैंने बीसीसीआई की वेबसाइट देखी और तब मुझे यकीन हुआ कि मैं India ए टीम में हूं. अभी यही बात चल रही है – अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं, तो आपको कुछ न कुछ जरूर मिलता है. मैं रणजी ट्रॉफी के समय से ही रेड-बॉल क्रिकेट खेल रहा हूं और बचपन से ही लाल गेंद की क्रिकेट मेरा पसंदीदा फॉर्मेट रहा है.” आईपीएल खत्म होने के बाद से ही हिंगे लगातार गेंदबाजी कर रहे हैं. उन्होंने विदर्भ प्रो टी20 लीग में आठ विकेट लिए और Bengaluru में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अंडर-25 एमर्जिंग मैच खेले – इन सबका मकसद अपनी गेंदबाजी की लय को बनाए रखना था.
उन्होंने कहा, “अब जब मुझे मौका मिला है, तो मुझे अच्छा खेलना चाहिए. इसी वजह से सभी मैचों में मेरे लिए सब कुछ अच्छा रहा और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया. चाहे कोई भी मैच हो – चाहे बॉलिंग हो, फील्डिंग हो या बैटिंग, सब एक जैसा ही था. अनुभव भी एक जैसे ही रहे – मुझे बस खुद को तैयार रखना है ताकि किसी दिन मुझे मौका मिल सके. मेरा शरीर अच्छा काम कर रहा है. मतलब, मेरी फिटनेस बहुत अच्छी है और सब कुछ ठीक चल रहा है. हां, मैंने कुछ समय के लिए सनराइजर्स हैदराबाद के ऑफ-सीजन कैंप में हिस्सा लिया था. वहां भी हमने काफी बॉलिंग की और मेरी फिटनेस भी अच्छी थी.”
आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए शानदार प्रदर्शन करने से पहले हिंगे घरेलू क्रिकेट के दायरे से बाहर ज्यादा जाने-पहचाने नहीं थे. वह मानते हैं कि इस ध्यान ने मैदान के बाहर उनकी जिंदगी बदल दी है, भले ही वह इस बारे में अधिक न सोचने और social media से दूरी बनाए रखने की कोशिश करते हों.
हिंगे ने कहा, “बहुत से लोग मुझे पहचानते हैं. अब मैं जहां भी जाता हूं, सब मुझे जानते हैं. इसी कारण सच में बहुत अच्छा लगता है. कभी-कभी मैं मन में इसके बारे में सोचता हूं – जैसे, मैंने यह भी किया है. ऐसा कुछ खास नहीं है. मैं इसका (social media) ज्यादा इस्तेमाल नहीं करता. मैं इस पर अधिक ध्यान नहीं देता. मैं बस थोड़े मजाक-मस्ती और काम की चीजों के लिए इसका इस्तेमाल करता हूं.”
नागपुर में उनके परिवार ने भी इस बदलाव को महसूस किया है. “हां, अब माता-पिता और परिवार के सदस्यों को भी ज्यादा पहचाना जाता है. जैसे अगर उन्हें पहले किसी चीज की जरूरत होती थी, तो वह देर से मिलती थी. अब जब भी उन्हें किसी चीज की आवश्यकता होती है, तो आईपीएल में मेरे अच्छे प्रदर्शन के बाद से वह उम्मीद से थोड़ी जल्दी मिल जाती है.”
हिंगे ने सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाजी कोच और India के पूर्व तेज गेंदबाज वरुण एरोन को भी श्रेय दिया, जिन्होंने आईपीएल खत्म होने के बाद से ही उनके खेल में हो रहे सुधार पर नजर रखी है. उन्होंने कहा, “आईपीएल के बाद से ही वे लगातार मुझ पर नजर रखे हुए हैं. जैसे, ‘तुम क्या कर रहे हो?’ ट्रेनिंग और गेंदबाजी कैसी चल रही है? एक-दो बार मैं उनके साथ गेंदबाजी करने गया था. मैंने एक कैंप में रेड-बॉल से भी गेंदबाजी की थी. इसी वजह से वे मुझसे पूछते रहते हैं कि मैं कैसा कर रहा हूं और मेरी प्रोग्रेस के बारे में लगातार अपडेट लेते रहते हैं.”
एरोन, जिनका करियर चोटों से प्रभावित रहा उन्होंने हिंगे के गेंदबाजी एक्शन को बेहतर बनाने में भी मदद की है. हिंगे ने बताया, “उन्होंने बहुत सी चीजों का सामना किया है और कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. इसी कारण मुझे लगता है कि वे मेरे लिए बहुत मददगार हैं. जब मैं उनसे एमआरएफ में मिला, तो मैंने उन्हें बताया कि मैं चोटिल हूं. तब से वे मेरे संपर्क में हैं. जैसे, ‘कैसा चल रहा है? क्या हो रहा है?’ गेंदबाजी एक्शन में जो भी बदलाव या सुधार करने की जरूरत थी, उन्होंने उसे ठीक किया. मैंने उन्हें जितना भी देखा है, उनसे बहुत कुछ सीखा भी है.”
हिंगे ने सीओई के तेज गेंदबाजी कोचों – India के पूर्व तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी और पी. कृष्णकुमार के अनुभव का भी फायदा उठाया है. “मैंने उनसे उन छोटी-छोटी चीजों के बारे में बहुत कुछ पूछा जो मैं गेंदबाजी के दौरान बेहतर कर सकता हूं, और क्या नहीं करना चाहिए. तेज गेंदबाजी और उससे जुड़े विषयों के बारे में मेरे मन में जो भी सवाल आते थे, मैं हमेशा उनसे पूछता रहता था.”
हिंगे ने 2024 में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और 10 फर्स्ट-क्लास मैचों में 27 विकेट लिए हैं. वे अपने डेब्यू मैच के जरिए पुडुचेरी में रणजी ट्रॉफी क्रिकेट खेल चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि दोपहर की गर्मी तेज गेंदबाजों के लिए एक चुनौती होगी. उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी रणजी ट्रॉफी में पुडुचेरी में मैच खेले हैं. इसी वजह से मुझे वहां के हालात के बारे में थोड़ी जानकारी है. मगर तापमान थोड़ा अधिक रहेगा. मैं जितनी जल्दी वहां के हालात के हिसाब से ढल जाऊंगा, उतना ही अच्छा होगा क्योंकि दोपहर में गेंदबाज़ी करना थोड़ा मुश्किल होता है.हालांकि, मुश्किल काम करना अब मेरी आदत बन गई है. इसी कारण जब मैच होंगे तो अच्छा लगेगा.”
उन्हें उम्मीद है कि विदर्भ टीम के अपने साथियों – यश राठौड़, नचिकेता भूते और अमन मोखाड़े – के साथ होने से उन्हें टीम में घुलने-मिलने में मदद मिलेगी. हिंगे ने कहा, “हां, वैसा ही माहौल होगा जैसा हम विदर्भ के लिए खेलते समय पाते हैं और ऐसा लगेगा कि सब साथ मिलकर खेल रहे हैं. उस माहौल में रहना अच्छा लगेगा.”
सीरीज शुरू होने में बस कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए हिंगे का ध्यान अपने सामने मौजूद काम पर है, जिसमें पहली बार India ए की सफेद जर्सी पहनकर खेलना भी शामिल है. उन्होंने कहा, “बस कुछ ही दिन बचे हैं. मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित हूं, क्योंकि हर कोई इसी के लिए तो प्रैक्टिस करता है.”
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एसएम/डीकेपी