मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर सवाल उठाना अनुचित, पंजाब भाजपा ने ‘आप’ सरकार को घेरा

चंडीगढ़, 7 सितंबर . पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने Monday को पंजाब एवं Haryana हाईकोर्ट के पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) Government द्वारा उठाए जा रहे सवालों को अनुचित बताया.

एक बयान में ढिल्लों ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया संविधान और निर्धारित प्रक्रिया (मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर) के अनुसार संपन्न की गई है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को Political रंग देने के बजाय तथ्यों को समझने की आवश्यकता है.

भाजपा नेता ने बताया कि Supreme Court कॉलेजियम की सिफारिश के बाद 10 अगस्त को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजाब और Haryana Governmentों से उनकी राय मांगी गई थी. उनके अनुसार, Haryana Government और दोनों राज्यों के Governorों ने अपनी सहमति दे दी थी, जबकि पंजाब Government तय समयसीमा के भीतर अपनी प्रतिक्रिया देने में विफल रही.

ढिल्लों ने कहा कि नियमों के मुताबिक यदि संबंधित Government निर्धारित अवधि के भीतर अपनी राय नहीं देती है तो इसे सहमति माना जाता है. ऐसे में नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया पर इस चरण में सवाल उठाना तर्कसंगत नहीं है.

उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण Governmentी फाइलों को लंबित रखने की पंजाब Government की प्रवृत्ति प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रही है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि न्यायपालिका से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी संस्थाओं के प्रभावी संचालन के हित में नहीं है.

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान करना हर Government की जिम्मेदारी है. ढिल्लों ने आरोप लगाया कि पंजाब के Chief Minister और अन्य मंत्रियों द्वारा न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाना निंदनीय है.

उन्होंने कहा कि Political विवाद खड़ा करने के बजाय पंजाब Government को संवैधानिक प्रक्रिया और स्थापित नियमों का सम्मान करना चाहिए.

एएमटी/डीकेपी

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