मुकेश ऋषि को आज भी याद है नाना पाटेकर का वह 100 रुपए वाला तोहफा, अतुल कस्बेकर और मालिनी अवस्थी ने भी किया याद

Mumbai , 8 अक्टूबर . दिवंगत Actor नाना पाटेकर अपनी फिल्मों के किरदार और दमदार डायलॉग्स के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. Actor के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके करीबी लोग साथ बिताए पलों और उनके स्वभाव को याद कर रहे हैं. इस कड़ी में फोटोग्राफर अतुल कस्बेकर, लोक गायिका मालिनी अवस्थी और Actor मुकेश ऋषि ने कई खूबसूरत यादें साझा की.

फोटोग्राफर और नाना पाटेकर के करीबी दोस्त अतुल कस्बेकर ने से बातचीत में कहा, ”मैं नाना को तब से जानता हूं, जब मैंने फोटोग्राफी शुरू की थी. नाना के साथ मेरा रिश्ता काफी खास था. वह उन्हें एक ऐसे लोकल Maharashtraियन लड़के के रूप में देखते थे, जो फोटोग्राफी की दुनिया में कुछ बड़ा करना चाहता था. वह हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते थे और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते थे. उनका मेरे सिर पर हमेशा हाथ रहा.”

अतुल ने नाना से जुड़े एक पुराने किस्से को भी याद किया. उन्होंने कहा, ”एक बार मुझे फोटो प्रदर्शनी के लिए पुणे जाना था. नाना ने मुझे फोन करके पूछा कि मेरे साथ कितने लोग आ रहे हैं. इसके बाद मैं अपनी टीम के साथ नाना के फार्म हाउस पहुंचा और वहां फोटोशूट का सेटअप लगाया. मेरी टीम में करीब आठ से दस लोग थे. नाना ने उन सभी के लिए अपने घर की रसोई में खाना बनवाया और खुद सभी को खाना परोसा भी. यह बात मुझे आज भी याद है, क्योंकि इतने बड़े कलाकार होने के बावजूद उन्होंने कभी अपने आसपास के लोगों को खुद से छोटा महसूस नहीं होने दिया. नाना बेहद साधारण इंसान थे. मैं उन्हें बहुत याद करूंगा.”

लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें एक महान शख्सियत बताया. से बातचीत में उन्होंने कहा, ”नाना जितने शानदार Actor थे, उससे भी ज्यादा अच्छे इंसान थे. उन्होंने अपने लंबे करियर में दर्शकों को कई यादगार फिल्में, किरदार और डायलॉग्स दिए. उनकी कई फिल्में ऐसी हैं, जिन्हें लोग सिर्फ नाना पाटेकर को देखने के लिए याद करते हैं. उन्होंने कारगिल युद्ध के समय देश की सेवा की थी. फिल्मों के अलावा उनका जुड़ाव अपने गांव और खेती से भी था. वह अपना काफी समय पुणे के पास अपने गांव में बिताते थे और वहां खेती करते थे. वह गांव के लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहते थे.”

उन्होंने कहा, ”नाना ने अपने जीवन में जो कमाया, उसका इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों की मदद और मराठी सिनेमा के विकास के लिए भी किया. जिस दौर में नाना ने अभिनय की शुरुआत की, उस समय फिल्म जगत में कई बड़े कलाकार मौजूद थे, लेकिन नाना ने अपनी अलग शैली और अभिनय के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई.”

Actor मुकेश ऋषि ने भी नाना के साथ काम करने की यादें साझा कीं. उन्होंने से कहा, ”नाना कमाल के Actor थे और अपनी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए. उनके अभिनय में एक खास तरह की तीव्रता थी. ‘कोहराम’ फिल्म में हमने साथ में काम किया था. फिल्म की शूटिंग जम्मू और कटरा में हुई थी. शूटिंग खत्म होने के बाद भी वह किसी बड़े सितारे की तरह अलग नहीं रहते थे, बल्कि आम लोगों की तरह सबसे मिलते-जुलते थे.”

उन्होंने कहा, ”नाना सभी को जन्मदिन की बधाई देते थे. एक बार उन्होंने मुझे भी जन्मदिन की बधाई देते हुए 100 रुपए गिफ्ट के तौर पर दिए थे. मेरी पत्नी कभी-कभी नाना के लिए खाना बनाती थी. एक दिन जब उनकी पत्नी ने राजमा बनाने की बात कही, तो नाना ने मजाक में कहा कि तुम अपने तरीके से बनाओ, मैं अपने तरीके से बनाऊंगा. वह अपने व्यक्तित्व से किसी को भी अपना बना लेते थे.”

मुकेश ने कहा, ”नाना काम को लेकर गंभीर और समय के पक्के रहते थे. वह समय पर सेट पर पहुंचते थे, समय पर फिल्म शुरू करना चाहते थे और समय खराब करना उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं था. वह अपने शरीर और सेहत का भी ध्यान रखते थे. वह गांव में रहना ज्यादा पसंद करते थे. उन्होंने अपनी जिंदगी अपने शर्तों पर जी. उम्र या आंकड़े उनके लिए मायने नहीं रखते, असल मायने उस इंसान के होते हैं, जो अपने पीछे यादें छोड़ जाता है.”

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पीके/वीसी

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