
New Delhi, 13 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को यहां 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मिस्र के President अब्देल फतह अल-सिसी के साथ द्विपक्षीय बैठक की.
भारत- मिस्र के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं. संबंधों की शुरुआत 18 अगस्त 1947 को हुई थी. तब राजदूत स्तर पर राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे.
वहीं, जनवरी 2024 में इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ मिस्र ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था.
दिन की शुरुआत, President अल-सीसी और पीएम मोदी ने New Delhi में ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं, आउटरीच के लिए आमंत्रित प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों संग एक ‘फैमिली फोटो’ खिंचवा कर की.
Sunday को New Delhi के India मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन पहुंचने पर पीएम मोदी ने ब्रिक्स समूह के विस्तार के बाद शामिल हुए नेताओं का स्वागत किया.
Saturday शाम India मंडपम में पीएम मोदी द्वारा ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित शानदार डिनर में President अल-सीसी और कई देशों के नेताओं व प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था.
Saturday को, 11 ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं ने सर्वसम्मति से ‘New Delhi घोषणापत्र’ को अपनाया. इस घोषणापत्र में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच/ब्रिक्स प्लस डायलॉग सेशन की मेजबानी करने के लिए India की सराहना की गई और कहा गया कि India की अध्यक्षता ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता को मजबूत करने के लिए “नई गति” प्रदान की है.
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने आपसी सम्मान और समझ, संप्रभु समानता, एकजुटता, लोकतंत्र, खुलेपन, समावेशिता, सहयोग और आम सहमति की ब्रिक्स भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
इस बार ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” पर आधारित है जो Prime Minister मोदी की “मानवता सर्वोपरि” भावना के जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है.
ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. सहयोगी देश- बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम हैं.
President अल-सीसी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए Friday को New Delhi पहुंचे थे.
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केआर/