
Mumbai , 23 सितंबर . Maharashtra में सूखे जैसे हालात के बीच, उपChief Minister और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने Wednesday को पार्टी के मंत्रियों, प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और अहम पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से किसानों के खेतों का दौरा करें और फसल को हुए नुकसान का जायजा लें.
पवार ने एनसीपी नेताओं से कहा कि वे यह पक्का करें कि प्राकृतिक आपदा के समय किसान बेसहारा न रहें. उन्होंने पार्टी प्रतिनिधियों से कहा कि वे किसानों की समस्याओं को खुद समझें, प्रभावित इलाकों का दौरा करें और समय पर मदद दिलाने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करें.
उन्होंने कहा, “जब किसान मुश्किल दौर से गुजर रहे हों, तो उनके साथ मजबूती से खड़े रहना हमारा फर्ज है. उनके खेतों में जाएं, उनकी परेशानियां सुनें, उन्हें भरोसा दिलाएं और उन्हें जरूरी Governmentी मदद दिलाने की हर मुमकिन कोशिश करें.”
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों से यह भी कहा कि वे किसानों में यह भरोसा जगाएं कि मुश्किल समय में एनसीपी उनके साथ खड़ी है.
पवार ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा जाए, यह पक्का किया जाए कि पंचनामा (फ़सल के नुकसान की आधिकारिक रिपोर्ट) तैयार हो और Governmentी स्तर पर राहत और अन्य जरूरी उपाय किए जाएं.
इस बीच, पवार ने Wednesday को Mumbai में ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन किए और किसानों के सामने आए संकट से राहत के लिए प्रार्थना की.
उनके ऑफिस से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने प्रार्थना की कि किसानों के खेतों में फिर से हरियाली आए, फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिले और उनकी कड़ी मेहनत का अच्छा फल मिले.
उन्होंने भगवान गणेश से यह भी प्रार्थना की कि किसानों को मुश्किलों से उबरने की ताकत मिले, पूरे Maharashtra में अच्छी बारिश हो, फसल का नुकसान न हो और किसान खुशहाल और समृद्ध रहें.
इससे पहले, Tuesday शाम को पवार ने राज्य में सूखे जैसे बिगड़ते हालात को देखते हुए नासिक में 27 सितंबर को होने वाले एसीपी के ‘चिंतन शिविर’ को टालने की घोषणा की थी.
लंबे समय तक बारिश न होने से खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और किसान समुदाय को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. राज्य Government राहत उपायों का आकलन कर रही है, जबकि विपक्षी पार्टियां प्रभावित किसानों को बिना शर्त आर्थिक मदद देने के लिए दबाव बना रही हैं.
ग्रामीण इलाकों में बढ़ती चिंता के बीच, कुछ एसीपी नेताओं ने चेतावनी दी थी कि खेती-किसानी के संकट के समय बड़े स्तर पर Political कार्यक्रम करने से पार्टी की छवि पर बुरा असर पड़ सकता है. आंतरिक चर्चा के बाद, कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने की मांगों ने जोर पकड़ा, जिसके परिणामस्वरूप इसे टाल दिया गया.
नासिक में होने वाले कार्यक्रम को टालने का फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा किसानों के सामने आए हालात पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश के तहत लिया गया. पवार के हालिया निर्देशों में भी सीधे खेतों का दौरा करने, फसल के नुकसान का डॉक्यूमेंटेशन करने और अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर प्रभावित किसानों को मदद दिलाने पर जोर दिया गया है.
उप-Chief Minister ने नेताओं से कहा कि वे लोगों के लिए उपलब्ध रहें और राहत कार्यों पर नजर रखें.
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एससीएच/पीएम