
Mumbai , 23 सितंबर . Maharashtra के बड़े हिस्से में गंभीर सूखे का खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए राज्य Government ने तेजी से कदम उठाए हैं. कैबिनेट के शीर्ष नेता फसल को हुए नुकसान का जायजा लेने और तत्काल राहत उपायों की रूपरेखा तैयार करने के लिए जमीनी स्तर पर निरीक्षण अभियान चला रहे हैं.
अल नीनो की वजह से कम बारिश ने मराठवाड़ा, विदर्भ, खानदेश और पश्चिमी Maharashtra में फसलों को बर्बाद कर दिया है, जिससे किसानों की आजीविका छिन गई है और पीने के पानी व पशुओं के चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया है.
Chief Minister देवेंद्र फडणवीस लातूर, धाराशिव और सोलापुर जिलों का व्यापक दौरा कर रहे हैं ताकि प्रभावित किसानों से उनके खेतों में सीधे बातचीत कर सकें. वह औसा और निलंगा तालुका के जौ, खरोसा और लमजाना गांवों में नमी की कमी से जूझ रही और सूख चुकी फसलों का निरीक्षण कर रहे हैं.
भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार के अनुसार, सीएम फडणवीस खरोसा में स्थानीय किसानों के साथ सीधी बातचीत करेंगे. अपने दौरे की शुरुआत करते हुए Chief Minister के साथ लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले और धाराशिव के प्रभारी मंत्री प्रताप सरनाईक भी होंगे. वे धाराशिव तालुका के करजखेड़ा और कलांब तालुका के मलकापुर का दौरा करेंगे.
इसके बाद येरमाला (कलांब) और तुलजापुर में भी निरीक्षण किया जाएगा. सीएम के कार्यक्रम में सोलापुर जिले के सूखे से प्रभावित तीन प्रमुख स्थानों का दौरा भी शामिल है. सूखे से निपटने के लिए आने वाले राहत पैकेज और अहम नीतिगत घोषणाओं को लेकर सबकी नजरें Chief Minister पर टिकी हैं.
वहीं, उपChief Minister एकनाथ शिंदे पश्चिमी विदर्भ में फसल के नुकसान का आकलन करने के काम की अगुवाई कर रहे हैं, जिसमें बुलढाणा, अकोला और अमरावती जिले शामिल हैं. अपने कैबिनेट मंत्रियों को कड़ा निर्देश देते हुए, उपChief Minister शिंदे ने कहा कि सभी शिवसेना मंत्री जमीनी स्तर पर जाएं, तुरंत पंचनामा (फसल के नुकसान का आकलन) करें और प्रभावित गांवों में जनता दरबार (जनता की शिकायतों की सुनवाई) लगाएं.
किसान समुदाय को भरोसा दिलाते हुए उपChief Minister शिंदे ने राज्य Government की ओर से पूरी वित्तीय और प्रशासनिक मदद का वादा किया.
इसके अलावा, उपChief Minister सुनेत्रा पवार ने Mumbai में पूर्व मोर्शी विधायक देवेंद्र भुयार से जानकारी लेने के बाद अमरावती जिले के वारुड-मोर्शी इलाके में बिगड़ते सूखे के हालात की समीक्षा की. पीने के पानी की कमी और खेती से जुड़ी दिक्कतों जैसे अहम मुद्दों पर बात करते हुए, उपChief Minister पवार ने अमरावती के जिला कलेक्टर से संपर्क किया और तुरंत प्रशासनिक कदम उठाने का निर्देश दिया.
जालना के सभी आठ तालुकों और 52 राजस्व मंडलों में लंबे समय तक सूखे के हालात बने रहने के बाद, कलेक्टर आशिमा मित्तल ने एक केंद्रीय ‘वॉर रूम’ बनाने का आधिकारिक आदेश जारी किया. यह कमांड सेंटर फसल की सेहत, चारे की उपलब्धता, पानी के स्टोरेज, टैंकर भरने वाले स्टेशनों, समय से पहले फसल काटने के प्रयोगों, ई-क्रॉप सर्वे और गांवों से संभावित पलायन जैसे रोजाना के आंकड़ों पर नजर रखेगा.
Tuesday शाम को नवी Mumbai के सिडको भवन में कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक में सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों में पानी की कमी, खेती के नुकसान और स्थानीय किसानों की मुश्किलों का जायजा लिया गया.
इससे पहले Tuesday को Chief Minister फडणवीस ने Maharashtra के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात से निपटने के उपायों की देखरेख और उन्हें लागू करने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाने की घोषणा की.
साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने वाले Chief Minister ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य Government केंद्र Government से आर्थिक मदद का इंतजार किए बिना प्रभावित किसानों को तुरंत मदद देगी. उन्होंने कहा कि सूखे जैसे हालात घोषित करने वाला शुरुआती नोटिफिकेशन Saturday तक आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया जाएगा.
कैबिनेट बैठक के दौरान, मंत्रियों ने राज्य भर में बारिश के आंकड़ों, जलाशयों में पानी के स्तर और खेती की कुल स्थिति की समीक्षा की. Chief Minister फडणवीस ने बताया कि सूखे की स्थिति के बारे में शुरुआती डेटा इकट्ठा करने का काम पहले से ही चल रहा है. तेज़ी से फैसले लेने के लिए, नई बनी कैबिनेट सब-कमेटी को कैबिनेट के बराबर पूरी शक्तियां दी गई हैं.
यह पैनल राज्य भर से मिलने वाले फील्ड डेटा के आधार पर राहत पैकेज और उपायों का फैसला करेगा. फसल के नुकसान का आधिकारिक आकलन (पंचनामा) Wednesday से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी मुख्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि कोंकण क्षेत्र में धान के खेतों पर भी बुरा असर पड़ा है.
Chief Minister फडणवीस ने कहा, “मैं कल से खुद प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू करूंगा और मैंने सभी मंत्रियों और चुने हुए प्रतिनिधियों को नुकसान का जायजा लेने के लिए सीधे जमीनी स्तर पर जाने का निर्देश दिया है.” उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के नियमों के आधार पर राहत फंड की मांग करने वाला एक औपचारिक प्रस्ताव केंद्र Government को भेजा जाएगा.
उन्होंने बताया कि अगले सात से आठ महीनों तक पीने के पानी की सप्लाई और पशुओं के चारे पर खास ध्यान दिया जाएगा, और इसके लिए नगर निगमों, नगर परिषदों और स्थानीय निकायों के साथ तालमेल बिठाया जाएगा. Chief Minister फडणवीस ने कहा, “मंत्री कल से सूखे से प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू करेंगे. कैबिनेट की उप-समिति को तुरंत राहत संबंधी फैसले लेने के लिए पूरी कैबिनेट के बराबर अधिकार दिए गए हैं. कल से पूरे राज्य में फसलों को हुए नुकसान का जमीनी स्तर पर आकलन (पंचनामा) शुरू होगा. पीने के पानी के प्रबंधन और पशुओं के चारे की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी.”
Chief Minister फडणवीस ने कहा, “मंत्री कल से सूखे से प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू करेंगे. कैबिनेट की उप-समिति को तुरंत राहत के फैसले लेने के लिए पूरी कैबिनेट वाली शक्तियां दी गई हैं. कल से पूरे राज्य में फसलों को हुए नुकसान का जमीनी स्तर पर आकलन (पंचनामा) शुरू हो जाएगा. पीने के पानी के मैनेजमेंट, पशुओं के चारे की सप्लाई और राहत कार्यों के लिए प्राथमिकता के आधार पर तुरंत संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, इसके लिए केंद्र की मदद का इंतजार नहीं किया जाएगा.”
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एससीएच/पीएम