Skip to content
Monday, 19 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राष्ट्रीय

महाराष्ट्र: बीड में सुनेत्रा पवार ने की सूखे की स्थिति की समीक्षा, राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश

Maharashtra: बीड में सुनेत्रा पवार ने की सूखे की स्थिति की समीक्षा, राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश

Mumbai , 17 अक्‍टूबर . Maharashtra की उपChief Minister और बीड जिले की पालक मंत्री सुनेत्रा पवार ने जिले में बारिश के लंबे अंतराल के कारण उत्पन्न सूखे की गंभीर स्थिति और प्रशासन की ओर से किए जा रहे उपायों की Saturday को जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने प्रशासन को सूखे से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए.

इस बैठक में विधायक प्रकाश सोलुंके, विधायक धनंजय मुंडे, जिलाधिकारी विवेक जॉन्सन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितिन रहमान, Police अधीक्षक नवनीत कावत, उपजिलाधिकारी शिवकुमार स्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

बैठक में जिले में सूखे की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई और प्रभावित नागरिकों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए. बारिश की कमी के कारण किसानों की फसलें सूख गई हैं. इसके साथ ही पीने के पानी और पशुओं के चारे की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. इस स्थिति को देखते हुए उपChief Minister ने फसल नुकसान के पंचनामे जल्द से जल्द पूरे करने के निर्देश दिए. अधिकांश पंचनामे पूरे होने की स्थिति में हैं. रिपोर्ट प्राप्त होते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया. साथ ही, फसल बीमा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के निर्देश कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए गए.

उप Chief Minister सुनेत्रा पवार ने सूखे और पानी की किल्लत को देखते हुए नागरिकों से अनावश्यक खर्च से बचने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोग शादी और जन्मदिन जैसे आयोजनों पर होने वाले खर्च को कम करें और सामूहिक विवाह समारोहों के आयोजन को प्राथमिकता दें. जिले में पीने के पानी की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. फिलहाल जिले में 225 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है. उपChief Minister ने इन टैंकरों की आवाजाही और पानी के वितरण पर जीपीएस प्रणाली के जरिए निगरानी रखने के निर्देश दिए.

उन्होंने स्पष्ट किया कि पीने योग्य पानी का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में निर्माण कार्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए. पानी का उपयोग बेहद सावधानी और किफायत के साथ किया जाए. इसके अलावा जलस्रोतों के पुनर्भरण,नदियों और नालों को गहरा करने, गाद निकालने तथा कुओं की मरम्मत जैसे जल संरक्षण कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश भी दिए गए.

पशुओं के चारे की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन को अभी से योजना तैयार करने को कहा गया. बैठक में किसानों को साइलेज यानी संरक्षित हरे चारे,हाइड्रोपोनिक्स तकनीक और अजोला चारा उत्पादन का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया.

इसके साथ ही वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत रोजगार गारंटी के कार्यों को जल संरक्षण से जोड़कर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए. इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और मजदूरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े.

सूखे की गंभीरता को देखते हुए सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने मुख्यालय में मौजूद रहने और जरूरतमंद नागरिकों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए गए. उपChief Minister ने अधिकारियों से किसानों के साथ संवाद बढ़ाने, उनकी समस्याएं सुनने, उनका समुपदेशन करने और उन्हें मानसिक संबल देने को भी कहा.

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पेयजल, पशुओं के चारे और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके.

सुनेत्रा पवार ने कहा कि सूखे के बढ़ते संकट के बीच राज्य Government और प्रशासन नागरिकों के साथ मजबूती से खड़े हैं और सभी आवश्यक उपाय युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को इस प्राकृतिक संकट से सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें जल्द राहत दिलाने के लिए राज्य Government हर स्तर पर प्रयास कर रही है. प्रशासन पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है.

–

एएसएच/पीएम

Share