
Mumbai , 9 अक्टूबर . Maharashtra नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है. ठाकरे ने Friday को बताया कि उन्होंने Maharashtra लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और आयोग से जुड़े अन्य मुद्दों पर Chief Minister से बातचीत की, जिसे लेकर वे पूरी तरह सकारात्मक हैं.
Maharashtra लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और आयोग से जुड़े अन्य मुद्दों पर
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने Friday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “‘जय Maharashtra’. जब मैं 5 अक्टूबर को पुणे में एमपीएससी का विरोध कर रहे छात्रों से मिला, तो मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि मैं Chief Minister से उनकी राय और जायज मांगों के बारे में बात करूंगा. अपने गृह जिलों, तालुका, घरों और परिवारों को छोड़कर नौकरी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे युवा पुरुषों और महिलाओं को देखना बहुत दुखद है.”
इसी कड़ी में ठाकरे ने बताया कि उन्होंने Friday को इस मामले पर Chief Minister के साथ विस्तार से चर्चा की. राज ठाकरे ने कहा, “मुझे लगा कि वे (Chief Minister देवेंद्र फडणवीस) भी इस स्थिति को लेकर पूरी तरह सकारात्मक हैं. मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एमपीएससी छात्रों के रोजगार के बारे में अच्छी खबर की घोषणा की जाएगी. मैं छात्रों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह करता हूं.”
गौरतलब है कि Maharashtra में एमपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और आयोग से जुड़े अन्य मुद्दों पर छात्र आक्रोशित हैं. पिछले दिनों उन्होंने पुणे में एक बड़ा प्रदर्शन किया.
हालांकि, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए, Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Monday को औपचारिक रूप से गवर्नर जिष्णु देव वर्मा से सिफारिश की कि वे एक उच्च-स्तरीय जांच समिति बनाएं. यह समिति संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत Maharashtra लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के मौजूदा और पूर्व सदस्यों और अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए जांच करेगी.
Chief Minister ने प्रस्ताव दिया कि हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति इन आरोपों की जांच करे और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए तीन महीने के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपे. सीएम फडणवीस ने बताया कि एमपीएससी के उन अधिकारियों को हटाने के लिए एक सख्त प्रक्रिया का पालन करना होता है जो संवैधानिक पदों पर हैं.
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डीसीएच/