
Bhopal , 24 अगस्त . केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने Monday को Madhya Pradesh के रायसेन जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनके जिले में ही गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें महंगी निजी कोचिंग संस्थाओं पर निर्भर न रहना पड़े.
शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा रायसेन में आयोजित प्रेम सुंदर मेधावी छात्र सम्मान समारोह के दौरान की. इस मौके पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप वितरित किए. इसके अलावा उन्होंने संदीपनी स्कूल का लोकार्पण किया और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बालिका छात्रवृत्ति योजना के आवेदन कार्यक्रम में भी भाग लिया.
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ के लिए 10 से 15 सितंबर के बीच आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. इसके बाद 20 सितंबर को लिखित परीक्षा आयोजित होगी. चयन और साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 अक्टूबर से नियमित कक्षाएं शुरू की जाएंगी.
यह कोचिंग कार्यक्रम छात्रों को एमपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग तथा राज्य और केंद्र Government की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएगा.
उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत छात्रों की फीस भरने के बजाय हमने रायसेन में ही बेहतर कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. जो छात्र सीधे प्रवेश नहीं पा सकेंगे, उनके लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा.”
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी बच्चे की शिक्षा आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि Governmentी स्कूलों में भी निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, “Governmentी स्कूल सिर्फ भवन नहीं होने चाहिए, बल्कि ऐसे संस्थान बनने चाहिए जहां बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकें.”
रायसेन में निर्मित संदीपनी स्कूल पर लगभग 38.38 करोड़ रुपए की लागत आई है. Union Minister शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षाएं, खेल मैदान और खेल, संगीत, नृत्य तथा चित्रकला जैसी गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए.
Union Minister ने युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) देने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि हर युवा को Governmentी नौकरी मिलना संभव नहीं है, इसलिए रोजगार के अन्य अवसरों के लिए उन्हें तैयार करना जरूरी है.
उन्होंने बताया कि इस पहल में आईटीआई और निजी प्रशिक्षण संस्थानों की मदद ली जाएगी. प्रशिक्षण के बाद रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं को नौकरी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
छात्रों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा और सफलता हासिल करने की क्षमता होती है.
उन्होंने कहा, “हर बच्चे में अपार बुद्धिमत्ता, प्रतिभा और सफल होने की क्षमता होती है. चाहे लड़का हो या लड़की, कोई भी बच्चा कमजोर नहीं है. जरूरत सिर्फ आत्मविश्वास, सही मार्गदर्शन और अवसर की है.”
रायसेन दौरे के दौरान उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में विकास कार्यों और विभिन्न Governmentी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की.
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एएमटी/डीकेपी