
Bhopal , 22 सितंबर . शरद नवरात्रि शुरू होने में अभी कुछ सप्ताह बाकी हैं, लेकिन भाजपा नेताओं की लगातार टिप्पणियों के बाद Madhya Pradesh में गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर Political विवाद खड़ा हो गया है.
महू विधायक उषा ठाकुर ने नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों के बारे में बात करते हुए हिंदू संगठनों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगाने की मांग का समर्थन किया और कहा कि पारंपरिक नृत्य को धार्मिक अनुष्ठानों से ही जोड़ा जाना चाहिए.
ठाकुर ने से कहा कि हिंदू संगठनों की यह मांग बिल्कुल उचित है. गरबा को कभी भी पेशेवर नहीं बनाया जाना चाहिए. गरबा देवी दुर्गा की शक्ति की पूजा का त्योहार है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग तिलक लगाकर और कलाव (पवित्र धागा) बांधकर अपनी पहचान छिपाते हुए गरबा स्थलों में प्रवेश करते हैं. उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग हिंदू महिलाओं को गुमराह करते हैं और गरबा स्थलों पर पहचान सत्यापन की मांग की. ठाकुर ने यह भी मांग की कि गैर-हिंदुओं को गरबा पंडालों में प्रवेश करने से रोका जाए.
उन्होंने आगे कहा कि सनातनी समुदाय को धर्मग्रंथों और हथियारों का अध्ययन करना चाहिए, जबकि महिलाओं को सभी पहलुओं में खुद को विकसित करना चाहिए और धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए.
उनकी ये टिप्पणी भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम पुरुषों की भागीदारी को लेकर एक अलग विवाद खड़ा करने के एक दिन बाद आई है. Bhopal में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए शर्मा ने सवाल उठाया कि मुस्लिम पुरुष अकेले गरबा में क्यों शामिल होना चाहते हैं और कहा कि उन्हें अपनी बहनों और बेटियों को भी साथ लाना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम पुरुष तभी भाग ले सकते हैं जब वे ‘स्थायी रूप से’ आएं, ‘जय श्री राम’ का जाप करें और तिलक लगाएं. शर्मा ने गरबा को तमाशा बनाने या इन कार्यक्रमों का इस्तेमाल ‘लव जिहाद’ के लिए करने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि युवा इसका जवाब देने के लिए तैयार हैं.
उनकी टिप्पणियों की कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आलोचना की और भाषा को आपत्तिजनक बताया.
भाजपा नेताओं के लगातार बयानों ने नवरात्रि से पहले Madhya Pradesh में गरबा कार्यक्रमों में भागीदारी और पहचान सत्यापन को एक बार फिर Political चर्चा का विषय बना दिया है. शरद नवरात्रि, नौ रात्रिकालीन हिंदू त्योहार जो पूरे India में मनाया जाता है, इस वर्ष 11 अक्टूबर से शुरू होगा.
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एमएस/