
Bhopal , 4 सितंबर . Madhya Pradesh के Chief Minister निवास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भक्ति भाव के साथ मनाई गई. Chief Minister मोहन यादव ने नन्हें गोपाल को हाथ में लेकर मटकी फोड़ी. उन्होंने बच्चों को खुद माखन-मिश्री खिलाई.
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर Chief Minister आवास पर चारों ओर कृष्ण भजन गूंजे, महारास हुआ, और राधा-कृष्ण बने बच्चों ने जमकर मस्ती की. भक्ति भाव के इस वातावरण के बीच Chief Minister मोहन यादव ने नन्हें गोपाल को हाथ में लेकर मटकी फोड़ी. उन्होंने बच्चों को खुद माखन-मिश्री खिलाई.
इस मौके पर Chief Minister यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण का इतिहास गौरवशाली है. उनके जीवन के सारे पक्ष आज भी समसामयिक हैं. भगवान कृष्ण के जीवन की घटनाओं से हम सभी बहुत कुछ सीख सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमारा देश राम-कृष्ण के नाम से जाना जाता है. दोनों ने तमाम चुनौतियों और तमाम कठिनाइयों के बीच भी लोगों को मार्गदर्शन देने के लिए अद्भुत मानव रूप धारण किया. उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के विभिन्न पक्षों से प्रेरणा मिलती है. किसी बालक के लिए जेल में जन्म लेना ही अपने आप में बहुत बड़ी चुनौती है. उसके बावजूद भी भगवान श्री कृष्ण ने बताया कि कभी कष्टों से घबराना नहीं, उनसे पार पाकर मुस्कुराते रहना.
Chief Minister यादव ने कहा कि चाहे कालिया मर्दन हो, इंद्र के घमंड को चूर-चूर करना हो, या चाहे कंस को उसके घर में मारने का घटनाक्रम हो, ये सभी हमें प्रेरणा देते हैं. जीवन के कठिन काल में भी भगवान श्री कृष्ण ने दुनिया को शिक्षा का महत्व बताया. उन्होंने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की और दुनिया के सामने उदाहरण पेश किया. सांदीपनि आश्रम में ही भगवान श्री कृष्ण की सुदामा से मित्रता हुई.
Chief Minister यादव ने कहा कि उस समय तक महर्षि सांदीपनि की ख्याति इतनी थी कि विश्व उनके आगे नतमस्तक था. उन्होंने 64 कलाएं-14 विद्या से श्री कृष्ण का व्यक्तित्व निर्माण किया. उस वक्त जम जाति का देश पर नकारात्मक प्रभाव था. वे देश विरोधी थे. उन लोगों ने महर्षि को पकड़कर कहा कि आप हमारे बच्चों को शिक्षा दीजिए. लेकिन, महर्षि ने कहा कि वह शिक्षा केवल देशभक्तों को देंगे. ये सुनने के बाद उन लोगों ने ऋषि के 6 माह के बालक को बंधक बना लिया. उन्होंने बालक को वहीं छोड़ा और उज्जैन आ गए. उन्होंने 11 वर्ष तक बच्चों को शिक्षा दी.
–
एसएनपी/एमएस