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Friday, 16 October 2026
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मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना को 3000 रुपए मिलने का वादा अब भी अधूरा : जीतू पटवारी

Madhya Pradesh की लाड़ली बहना को 3000 रुपए मिलने का वादा अब भी अधूरा : जीतू पटवारी

Bhopal , 15 अक्टूबर कांग्रेस की Madhya Pradesh ईकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने Prime Minister Narendra Modi को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य की लाडली बहनाओं को 3000 रुपए प्रति माह दिए जाने का वादा अब भी अधूरा है . कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी द्वारा Prime Minister को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि Madhya Pradesh विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता का भरोसा दिया. तत्कालीन Chief Minister शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि लाड़ली बहना योजना की राशि 3,000 रुपए प्रतिमाह होगी.

भाजपा के इस चुनावी अभियान को मोदी की गारंटी के व्यापक Political संदेश के साथ प्रचारित किया गया. महिलाओं ने इस भरोसे पर विश्वास किया, लेकिन आज भी उन्हें वादे की आधी राशि ही मिल रही है. राज्य Government की योजना का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि योजना जून 2023 में 1,000 प्रतिमाह से शुरू हुई. बाद में राशि 1,250 और नवंबर 2025 से 1,500 की गई. 14 अक्टूबर 2026 को जारी 41वीं किस्त में भी प्रत्येक पात्र महिला को 1,500 ही मिले. दो बार वृद्धि के बावजूद 3,000 प्रतिमाह का सार्वजनिक वादा अब तक अधूरा है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान दर पर प्रत्येक महिला को हर महीने 1,500 कम मिल रहे हैं. लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थियों के स्तर पर यह अंतर करीब 1,875 करोड़ रुपए प्रतिमाह बैठता है. यह केवल आंकड़ों का अंतर नहीं बल्कि महिलाओं की घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ा सवाल है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि मध्यप्रदेश में Government भाजपा की है, वादा भाजपा के तत्कालीन Chief Minister ने किया था और चुनावी अभियान में Prime Minister के नाम पर भरोसा मांगा गया था, इसलिए जवाबदेही भी भाजपा Government की ही है.

उन्होंने कहा कि अब स्थिति यह है कि लाडली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर मप्र Government के दो मंत्रियों, राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं. एक ओर छूटी हुई महिलाओं को जोड़ने की संभावना की बात कही जा रही है, दूसरी ओर नए पंजीयन के प्रस्ताव से इनकार किया गया है. ऐसे विरोधाभासी बयानों से ऐसी महिलाओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, जो पात्र होने के बावजूद योजना के लाभ से बाहर हैं.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कहा है कि योजना के शुरुआती चरण में लगभग 1.31 करोड़ महिलाओं का पंजीयन हुआ था. वर्तमान में लाभार्थियों की संख्या लगभग 1.25 करोड़ है. यह अंतर अपने आप में गंभीर समीक्षा की मांग करता है. उम्र की सीमा पूरी होने, मृत्यु अथवा अन्य पात्रता संबंधी कारणों से नाम हटने और नई पात्र महिलाओं के बाहर रहने की स्थिति का स्पष्ट, श्रेणीवार Governmentी विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए. केवल संख्या घटने को अपात्रता का प्रमाण मान लेना भी उचित नहीं होगा.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने Prime Minister से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करेंगे और Madhya Pradesh की लाड़ली बहनों को स्पष्ट जवाब तथा उनका वादा पूरा होने की समय सीमा दिलाएंगे.

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एसएनपी/पीएम

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