
Bhopal , 10 अक्टूबर . Madhya Pradesh में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर आए जबलपुर उच्च न्यायालय के फैसले को लेकर कांग्रेस ने राज्य की भाजपा Government पर हमला बोला है. कांग्रेस का आरोप है कि राज्य Government ने ओबीसी की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है. दरअसल राज्य में ओबीसी को 14 से बढ़कर 27 आरक्षण दिए जाने का मामला जबलपुर उच्च न्यायालय में लंबित था. इस मामले पर Friday को न्यायालय की दो जजों की खंडपीठ ने अपना फैसला सुनाया.
इस फैसले के मुताबिक ओबीसी को 14 फीसदी आरक्षण ही मिलेगा. आरक्षण बढ़ाने का अध्यादेश तत्कालीन कांग्रेस की कमलनाथ Government ने लाया था. जबलपुर उच्च न्यायालय के फैसले के बाद राज्य की सियासत गरमाई हुई है. भाजपा जहां कांग्रेस के अध्यादेश पर ही सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस राज्य Government पर हमलावर है.
विधानसभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस मुख्यालय Bhopal में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और Government की पहल पर सवाल उठाए . उन्होंने कहा कि न्यायालय के आए फैसले से प्रदेश की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले ओबीसी समाज की उम्मीदों को झटका लगा है.
उन्होंने बताया कि समाज को उम्मीद थी कि 27 प्रतिशत आरक्षण से बच्चों को शिक्षा और रोजगार में नए अवसर मिलेंगे. कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालत ने कानून और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दिया, लेकिन Government की जिम्मेदारी थी कि वह अपने पक्ष में मजबूत और विश्वसनीय तथ्य प्रस्तुत करे.
हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की 1996–97 और 2019–20 की सिफारिशें 1983 की महाजन आयोग रिपोर्ट पर आधारित थीं. अदालत ने पाया कि इन सिफारिशों के लिए इस उद्देश्य से नए आंकड़े एकत्र नहीं किए गए थे.
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य Government से सवाल किया है कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के समर्थन में Government ने नए, व्यापक और विश्वसनीय आंकड़े क्यों नहीं जुटाए? कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक तरफ जहां केंद्र Government वोट चोरी कर रही है तो वही Madhya Pradesh की Government ने ओबीसी आरक्षण की चोरी की है.
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एसएनपी/पीएम