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Thursday, 5 November 2026
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मंदिर के पुजारियों से जुड़ी टिप्पणी पर नेहा बोरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग

मंदिर के पुजारियों से जुड़ी टिप्पणी पर नेहा बोरा के खिलाफ First Information Report  दर्ज करने की मांग

New Delhi, 3 नवंबर . Supreme Court की एक वकील ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के खिलाफ दिल्ली Police से First Information Report दर्ज करने की मांग की है. आरोप है कि उन्होंने मंदिरों के पुजारियों को महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों से जोड़ते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

New Delhi जिले के साइबर Police स्टेशन के एसएचओ को दी गई अपनी शिकायत में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (एओआर) अमिता सचदेवा ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 196 और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि इन बयानों से अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ सकती है और सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है.

सचदेवा ने बताया कि social media प्लेटफॉर्म पर बोरा का एक वीडियो वायरल हो रहा है और कई समाचार माध्यमों ने भी इसे दिखाया है. इस वीडियो में बोरा ने मंदिर के पुजारियों पर महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध करने का आरोप लगाते हुए बयान दिए हैं.

वीडियो में नेहा बोरा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “ब्राह्मण महिलाएं सड़कों पर चलते हुए भी सुरक्षित नहीं हैं. उनके साथ बलात्कार होता है. मंदिरों में पुजारी भी बलात्कार करते हैं. उन्नाव और कठुआ में हम ऐसी घटनाएं देख चुके हैं.”

वीडियो में एक टेक्स्ट भी लिखा है, “पुजारी मंदिरों के अंदर महिलाओं का बलात्कार करते हैं.”

शिकायतकर्ता का तर्क है कि इन बयानों में लोगों के एक पूरे वर्ग पर यौन अपराध करने का आरोप लगाया गया है और इसे एक विशेष सामाजिक व्यवस्था से जोड़ा गया है. शिकायत में कहा गया है, “यौन अपराध आपराधिक कृत्य हैं. जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहां कानून के तहत सख्ती से जांच होनी चाहिए और दोषियों पर मुकदमा चलना चाहिए. लेकिन, सार्वजनिक रूप से लोगों के एक पूरे वर्ग पर ऐसे अपराधों का आरोप लगाना और इसे बड़े पैमाने पर फैलाना, नागरिकों के अलग-अलग समूहों के बीच अशांति, दुश्मनी, नफरत या द्वेष पैदा कर सकता है.”

शिकायत में यह भी कहा गया है कि ये बयान सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बनाए रखने के खिलाफ हैं, और इनके बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से फैलने के कारण लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. वकील ने स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, न कि किसी विशेष समुदाय की ओर से या उनकी किसी शिकायत के रूप में पेश किया गया है.

सचदेवा ने Police से मांग की है कि नेहा बोरा और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की जाए. उन्होंने इन बयानों, उनके पीछे के इरादे, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, उनके प्रसार और सार्वजनिक व्यवस्था पर पड़े कथित असर की गहन जांच की भी मांग की.

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एससीएच/वीसी

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