
भुवनेश्वर, 27 अगस्त . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पोस्ट ऑफिस सेविंग्स फ्रॉड मामले में फरार ब्रांच पोस्ट मास्टर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.
एजेंसी ने Thursday को जानकारी दी कि Thursday को पोस्ट ऑफिस सेविंग्स फ्रॉड केस में Odisha के बरगढ़ से एक फरार आरोपी शब्दा स्वैन को गिरफ्तार किया गया है, जो उस समय Odisha के बोंडा में ब्रांच पोस्ट मास्टर थीं.
दरअसल, आरोपी ने 2008 से 2014 के दौरान बोंडा पोस्ट ऑफिस में ब्रांच पोस्ट मास्टर के तौर पर काम करते हुए, जमाकर्ताओं से इकट्ठा किए गए 13,98,232 रुपए का गबन किया. उसने पासबुक में गलत एंट्री करके इन जमा राशियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया.
सीबीआई, एसीबी, भुवनेश्वर के केस नंबर आरसी 17(ए)/2014-बीबीएस में 31 दिसंबर 2015 को आरोप तय होने के बाद से ही वह फरार थी. वहीं, 2022 में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया था.
सीबीआई की लगातार और कड़ी कोशिशों के बाद, उसे Odisha के बरगढ़ में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान पकड़ा गया. सीबीआई द्वारा उसे अब भुवनेश्वर की सक्षम अदालत के सामने पेश किया जा रहा है.
बता दें कि बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की ओर से की गई कार्रवाई का दूसरा मामला Tuesday को New Delhi से सामने आया, जहां सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा के रूप में हुई है, जो 17 वर्ष और 4 वर्ष से कानून की पकड़ से बाहर थे.
सीबीआई के अनुसार, आरोपी जितेंद्र कुमार वर्ष 2002-03 में जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से फर्जी एवं जाली वेतन प्रमाणपत्रों के आधार पर होम लोन लेने के मामले में शामिल था. इस धोखाधड़ी से वित्तीय संस्था को लगभग 65.90 लाख रुपए का नुकसान हुआ था. ऋण वितरण के तुरंत बाद ही खाता एनपीए घोषित हो गया था.
दूसरे मामले में गिरफ्तार की गई पूजा पाहवा पर इंडियन ओवरसीज बैंक से प्राप्त कैश क्रेडिट सुविधा का दुरुपयोग और धन की हेराफेरी करने का आरोप है. जांच में सामने आया कि फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर यह सुविधा प्राप्त की गई थी, जिससे बैंक को 10.16 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. संबंधित खाता वर्ष 2012 में एनपीए घोषित कर दिया गया था.
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डीके/एबीएम