
Mumbai , 12 सितंबर . India का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है. इसकी वजह आरबीआई की ओर से डॉलर आकर्षित करने के लिए शुरू की गई एफसीएनआर (बी) जमा स्कीम के तहत बड़ा फंड आना है.
4 सितंबर को समाप्त हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 44.9 अरब डॉलर बढ़कर 785.7 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया है.
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, 785.7 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ India रूस को पछाड़कर चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद चौथे स्थान पर आ गया है.
सोने की कीमतों में गिरावट के कारण इस हफ्ते देश के गोल्ड रिजर्व 2.59 अरब डॉलर की कमी आई और यह 113.81 अरब डॉलर हो गया, हालांकि, विदेशी मुद्रा के रिजर्व में मजबूती से विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है.
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को दिखाती है और इससे आरबीआई को रुपए में उतार-चढ़ाव आने पर उसे स्थिर करने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिलती है.
विदेशी मुद्रा का मजबूत भंडार आरबीआई को स्पॉट और फॉरवर्ड करेंसी मार्केट में दखल देने में मदद करता है. वह ज्यादा डॉलर जारी करके रुपए की कीमत को तेजी से गिरने से रोक सकता है.
इस बीच, आरबीआई ने विदेशी मुद्रा के भारी इनफ्लो की वजह से बैंकिंग सिस्टम में जमा हुई अतिरिक्त लिक्विडिटी को कम करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए के Governmentी बॉन्ड की ‘ओपन मार्केट ऑपरेशन’ (ओएमओ) बिक्री की घोषणा की है.
आरबीआई 1 लाख करोड़ रुपए की Governmentी सिक्योरिटीज को तीन किश्तों में बेचेगा, जिसमें 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रुपए, 21 सितंबर को 25,000 करोड़ रुपए और 28 सितंबर को बाकी 25,000 करोड़ रुपए शामिल हैं. ये नीलामी मल्टी-सिक्योरिटी नीलामी के जरिए मल्टीपल-प्राइस मेथड से की जाएगी.
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एबीएस