
New Delhi, 28 सितंबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Monday को India की मजबूत आर्थिक विकास दर और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद व्यापक निवेश अवसरों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को नई गति दे रहा है. उन्होंने कहा कि India में यूएई निवेशकों के लिए कई क्षेत्रों में आकर्षक अवसर उपलब्ध हैं.
पीयूष गोयल ने अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) के प्रबंध निदेशक शेख हमेद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों पक्षों के बीच भारत-यूएई आर्थिक साझेदारी को तेज करने और सीईपीए के लाभों का अधिकतम उपयोग करने पर सार्थक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और मजबूत आपूर्ति शृंखलाएं विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
गोयल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, “India और यूएई के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” उन्होंने India की तेज आर्थिक वृद्धि और सुधार आधारित नीतियों को विदेशी निवेश के लिए अनुकूल बताया.
मंत्री ने कहा कि India और यूएई ने समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें जहाज स्वामित्व, आधुनिक बंदरगाह, जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत एवं रखरखाव, शिपब्रेकिंग और कंटेनर निर्माण शामिल हैं. इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक कार्य समूह गठित किया जाएगा, जिसमें भारतीय पक्ष का नेतृत्व पोत परिवहन मंत्रालय करेगा.
इससे पहले पीयूष गोयल ने यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयौदी से भी मुलाकात की और भारत-यूएई सीईपीए के तहत हुई प्रगति तथा व्यापार एवं निवेश साझेदारी को और मजबूत बनाने के नए अवसरों पर चर्चा की.
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में चल रही चर्चाएं India में यूएई निवेश को बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं. Government का लक्ष्य India में यूएई के कुल निवेश को मौजूदा लगभग 25 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है.
गोयल ने बताया कि यूएई की रुचि India के अंतरिक्ष क्षेत्र, स्टार्टअप इकोसिस्टम, बंदरगाह विकास, जहाज निर्माण उद्योग और भारतीय शेयर बाजार में निवेश जैसे क्षेत्रों में बढ़ रही है. इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग का दायरा और व्यापक होने की संभावना है.
उन्होंने यह भी कहा, “भारत-यूएई स्थानीय मुद्रा व्यापार पहले ही दोहरे अंकों के स्तर तक पहुंच चुका है और दोनों देश इसे और तेजी से विस्तार देने की दिशा में काम कर रहे हैं.”
मंत्री ने कहा कि ये चर्चाएं Prime Minister Narendra Modi की मई 2026 की यूएई यात्रा के दौरान हुए समझौतों की निरंतरता हैं. उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कच्चे तेल भंडारण, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, एलएनजी और एलपीजी अवसंरचना विकास तथा दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजनाओं की घोषणा की थी.
उन्होंने विश्वास जताया कि सीईपीए, बढ़ते निवेश, ऊर्जा सहयोग और नई आर्थिक पहलों के जरिए भारत-यूएई संबंध आने वाले वर्षों में और मजबूत होंगे तथा दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि को नई गति देंगे.
–
डीबीपी