भारत-न्यूजीलैंड एफटीए व्यापारियों के लिए पीएम मोदी का दशहरा गिफ्ट : प्रवीण खंडेलवाल

New Delhi, 20 अक्टूबर . भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) का आज से लागू होना देश के कारोबारियों के लिए Prime Minister Narendra Modi की ओर से दशहरे का एक बड़ा उपहार है. यह बयान कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव और चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने Tuesday को दिया.
के साथ एक इंटरव्यू में खंडेलवाल ने कहा कि इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि न्यूजीलैंड को निर्यात किए जाने वाले भारतीय सामान पर शून्य प्रतिशत शुल्क लगेगा. इससे वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे.
उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि इससे देशभर के व्यापारियों, उद्योगों और छोटे कारीगरों को निर्यात के माध्यम से कारोबार के महत्वपूर्ण अवसर मिलेंगे. देश के नौ करोड़ व्यापारियों की ओर से मैं विजयादशमी की शुभकामनाएं देता हूं और इस पहल के लिए Prime Minister Narendra Modi का धन्यवाद करता हूं.”
खंडेलवाल ने कहा कि India के कई क्षेत्रों, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, ऑटो स्पेयर पार्ट्स, अनाज और दालों, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स को अब न्यूजीलैंड के बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी.
उन्होंने कहा कि यह एफटीए India की बढ़ती विनिर्माण क्षमता को दर्शाता है और ‘लोकल टू ग्लोबल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘विकसित भारत’ को सपोर्ट करता है.
खंडेलवाल ने कहा कि इस समझौते से कपड़ा एवं परिधान, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों सहित कई क्षेत्रों के लिए निर्यात के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे.
कैट के अनुसार, न्यूजीलैंड के बाजार में शून्य शुल्क पर पहुंच मिलने से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की उम्मीद है. इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, किसानों, विनिर्माताओं, महिला उद्यमियों और निर्यातकों को लाभ होगा.
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड India में 20 अरब डॉलर का निवेश करने में भी मदद करेगा. साथ ही, भारतीय पेशेवरों और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार होगा.
India और न्यूजीलैंड ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह एफटीए निर्यात, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता दर्शाता है कि Prime Minister Narendra Modi की व्यापार-केंद्रित कूटनीति किस तरह भारतीय कारोबारियों को नए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद कर रही है, जबकि घरेलू स्तर पर संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा भी की जा रही है.
उन्होंने व्यापारियों, विनिर्माताओं और एमएसएमई से इस समझौते का लाभ उठाकर ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने का आग्रह किया.
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एबीएस


