
New Delhi, 22 सितंबर . विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने Monday को जापान के सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एलडीपी के इंटरनेशनल ब्यूरो के महानिदेशक तारो कोनो ने किया. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने Tuesday को एक बयान जारी कर बताया कि बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा Political और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जापानी सांसदों का यह प्रतिनिधिमंडल 18 से 22 सितंबर तक है. यह यात्रा भारत-जापान डिस्टिंग्विश्ड विजिटर्स प्रोग्राम के तहत आयोजित की गई है. प्रतिनिधिमंडल में तारो कोनो के अलावा एलडीपी पॉलिसी रिसर्च काउंसिल के उपाध्यक्ष केंजी नाकानिशी, एलडीपी इंटरनेशनल ब्यूरो की कार्यवाहक निदेशक और डिजिटल सोसाइटी को बढ़ावा देने वाली समिति की उपाध्यक्ष कैरेन माकिशिमा तथा सांसद साकोन यामामोटो शामिल हैं.
तारो कोनो इससे पहले जापान के रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और डिजिटल मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. India दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने Bengaluru में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और India इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) का भी दौरा किया. इन दौरों के दौरान India की तकनीकी, वैज्ञानिक, अंतरिक्ष और रक्षा क्षमताओं को समझने का अवसर मिला.
विदेश सचिव के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा, आर्थिक सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया.
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने India के डीप-टेक उद्यमिता, अनुसंधान और नवाचार के तेजी से विकसित हो रहे इकोसिस्टम की सराहना की. प्रतिनिधिमंडल ने India के आर्थिक विकास की गति, विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ती क्षमता और उससे India के साथ-साथ उसके साझेदार देशों के लिए पैदा हो रहे अवसरों को भी रेखांकित किया.
दोनों पक्षों ने आर्थिक जोखिमों को कम करने और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत बनाने के लिए India और जापान के बीच आर्थिक सुरक्षा सहयोग को और व्यापक तथा गहन बनाने की जरूरत पर भी चर्चा की.
बैठक में तेजी से बदलते वैश्विक आर्थिक और Political परिदृश्य के बीच भारत-जापान स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप के महत्व को भी रेखांकित किया गया. दोनों पक्षों ने कहा कि Political विश्वास, आपसी सद्भावना और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण पर आधारित यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण आधार के रूप में काम कर सकती है.
दोनों पक्षों ने भारत-जापान संबंधों के दायरे और गहराई को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता पर सहमति जताई. इसके लिए दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान तय की गई दिशा को आधार बनाया जाएगा.
India और जापान के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, एआई, स्टार्टअप, आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है. जापानी सांसदों का मौजूदा दौरा भी इसी व्यापक सहयोग को संसदीय स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
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केआर/