
New Delhi, 22 सितंबर . रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने Tuesday को New Delhi में जापान के अंतरराष्ट्रीय सहयोग, एलडीपी के महानिदेशक तारो कोनो से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों ने India और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किया. बैठक में रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई.
दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए. इसके अलावा, India और जापान के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई. दोनों देशों की सेनाएं विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास और पेशेवर आदान-प्रदान करती हैं. ऐसे अभ्यासों से दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच आपसी समन्वय और परिचालन सहयोग को बढ़ावा मिलता है. बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा.
दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया. दरअसल, India और जापान के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार व्यापक हुए हैं. रक्षा प्रौद्योगिकी, संयुक्त अभ्यास और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है. Tuesday की बैठक में भी इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई. इससे पहले India और जापान ने एक कार्य समूह स्थापित करने पर सहमति जताई थी.
इस कार्य समूह की अध्यक्षता दोनों देशों के महानिदेशक यानी संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे. यह कार्य समूह ऑपरेशनल, खुफिया, रक्षा उपकरण, प्रौद्योगिकी और रक्षा उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को एक साथ आगे बढ़ाने में मदद करेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने 20 अगस्त को New Delhi में एक संयुक्त बयान इसकी जानकारी दी थी. इसमें कहा गया था कि यह समूह दोनों रक्षा मंत्रियों की ओर से तय सहयोग के क्षेत्रों में समग्र समन्वय करेगा.
साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में तालमेल बढ़ाएगा और परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद करेगा. बीते महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापानी रक्षा मंत्री शिन्जिरो कोइजुमी के बीच New Delhi में द्विपक्षीय वार्ता हुई थी. इसी वार्ता में ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे. दोनों देश समुद्री जहाज निर्माण के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे. इससे India को जापान की तकनीक का फायदा मिलेगा.
रक्षा मंत्रियों ने समुद्री जहाज पर लगाए जाने वाले यूनिकॉर्न एकीकृत संचार एंटीना तंत्र से जुड़ी परियोजना को महत्वपूर्ण बताया था. यह दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की पहली परियोजना है. दोनों पक्षों ने इसे भारत-जापान रक्षा सहयोग की गहराती साझेदारी का प्रतीक बताया गया.
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जीसीबी/डीकेपी